7 सूत्रीय मांगों को लेकर राजधानी में बड़ा प्रदर्शन
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 छत्तीसगढ़।प्रदेश में सहायक शिक्षकों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखा। विगत दिवस राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक एवं समग्र शिक्षक फेडरेशन के बैनर तले प्रदेश भर से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने रैली निकालकर प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार से अपनी लंबित 7 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
फेडरेशन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों का समाधान जल्द नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा।
वेतन विसंगति बना मुख्य मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि वे वर्षों से वेतन विसंगति से परेशान हैं। शिक्षकों का कहना है कि विधानसभा चुनाव के समय ‘मोदी की गारंटी’ के तहत वेतन संबंधी समस्याओं को दूर करने का वादा किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी को लेकर शिक्षकों ने सरकार से वादा निभाने की मांग की।
फेडरेशन की 7 प्रमुख मांगें
फेडरेशन ने सरकार के सामने ये 7 मांगें रखी हैं:
– वेतन विसंगति का तत्काल निराकरण
– प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा की गणना
– पदोन्नति में वरिष्ठता का लाभ
– विभागीय टीईटी परीक्षा का नियमित आयोजन
– एकल शिक्षकीय स्कूलों में नए शिक्षकों की नियुक्ति
– VSK ऐप से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान
– लंबित प्रशासनिक मामलों का शीघ्र निराकरण
सरकार की चुप्पी पर नाराजगी
फेडरेशन के प्रांतीय अध्यक्ष रविन्द्र कुमार राठौर ने कहा कि कई बार ज्ञापन सौंपने और चर्चा के बाद भी सरकार की ओर से सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जायज मांगों के लिए शिक्षकों को बार-बार आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ रहा है। यदि जल्द वार्ता कर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संगठनों का मिला समर्थन, सौंपा ज्ञापन
शिक्षकों के प्रदर्शन को सर्व शिक्षक संघ और कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन सहित कई कर्मचारी संगठनों का समर्थन मिला। रैली के बाद शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और सातों मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि सकारात्मक कदम न उठाए जाने पर प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।
रायपुर के इस प्रदर्शन के बाद राज्य में शिक्षकों की लंबित मांगें एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई हैं।

