इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में मानवता को शर्मसार कर देने वाला एक मामला सामने आया है। जहां मासूम बच्चों की तस्करी कर रही एक गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। रावजी बाजार थाना पुलिस ने इस नेटवर्क में शामिल छह महिलाओं और पांच पुरुषों की पहचान की, जिनमें से 9 को गिरफ्तार कर लिया है। 2 आरोपी अब भी फरार हैं। इस गिरोह ने एक डेढ़ माह के नवजात को 10 लाख रुपये में बेचने की डील की थी।
पुलिस को इस रैकेट की सूचना आजाद नगर निवासी रितेश व्यास ने दी थी। रितेश एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में काम करता है। रितेश की मुलाकात करीब छह महीने पहले प्रमिला साहू और वंदना मकवाना नामक दो महिलाओं से मूसाखेड़ी चौराहे पर हुई थी। खुद को बुजुर्गों के लिए केयर सेंटर चलाने वाली बताकर इन महिलाओं ने उससे दोस्ती की। बाद में उन्होंने रितेश को बताया कि वे नि:संतान दंपतियों को गोद लेने के लिए बच्चे उपलब्ध कराती हैं।
दोस्त के साथ मिलकर बनाया प्लान
रितेश को महिलाओं की मंशा पर संदेह हुआ, जब उसे जानकारी मिली कि ये दोनों पहले ही एक बच्चे की बिक्री के मामले में हिरानगर थाना क्षेत्र में पकड़ी जा चुकी हैं। इसके बाद रितेश ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर पुलिस से संपर्क किया और बच्चा गोद लेने का बहाना बनाकर जाल बिछाया।
पुलिस के जाल में ऐसे फंसी महिलाएं
4 अगस्त को रितेश और उसके साथी ने प्रमिला और वंदना को अग्रसेन चौराहे पर बुलाया, जहां उन्होंने नवजात शिशु को बेचने की योजना बनाई थी। महिला सोनू बेन की गोद में एक डेढ़ महीने का बच्चा था। जैसे ही सौदे की बातचीत शुरू हुई, रितेश ने पुलिस को सूचना दी और टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपियों को धर दबोचा।

