मकड़ाई एक्सप्रेस 24 भोपाल। अब सभी शिक्षको को ई-अटेंडेंस देना अनिवार्य किया गया है। ई-अटेंडेंस का शिक्षको द्वारा भारी विरोध किया गया। वाबजूद इसके तो विभाग और सख्त हो गया। हाजरी न लगने की हालात मे वेतन काटा जाने की बात कही जा रही है। ई-अटेडेंस को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग सख्त है। उल्लंघन पर अतिथि शिक्षकों का मानदेय काटने का आदेश हुआ है। अब स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए ई अटेंडेंस लगाना अनिवार्य किया है, अब शिक्षक को स्कूल पहुँचने के बाद विभाग के ऐप पर अटेंडेंस लगानी होगी। इस आदेश का विरोध भी हो रहा है लेकिन शिक्षा विभाग इस पर सख्ती कर रहा है ।
नियम न माना तो 18 जुलाई से नही मिलेगा वेतन
शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों को स्कूल में उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ऐप पर ई अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए हैं हालाँकि शिक्षक संघ इसका विरोध कर रहे हैं लेकिन विभाग की सख्ती बरक़रार है। शिक्षा विभाग ने अतिथि शिक्षकों को लेकर इस मामले में कड़े निर्देश जारी किये हैं, विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि जो अतिथि शिक्षक नियम का उल्लंघन करेगा 18 जुलाई से उसको मानदेय नहीं मिलेगा।
सभी जिला शिक्षा अधिकारियो को भेजा पत्र
लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को एक पत्र जारी किया है इस पत्र में स्कूलों में पदस्थ अतिथि शिक्षकों के लिए ई अटेंडेंस पर सख्ती की बात कही गई है, संचालक ने पत्र में उल्लेख किया है कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में आमंत्रित किये गए अतिथि शिक्षकों को हमारे ऐप पर अटेंडेंस लगाने के निर्देश दिए गए हैं सबसे बड़ी बात तो ये है कि अभी भी 80 प्रतिशत अतिथि शिक्षक ऐप पर अटेंडेंस नहीं लगा रहे।
अतिथि शिक्षकों को शिक्षक ऐप पर अटेंडेंस लगाना अनिवार्य
संचालक के के द्विवेदी ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी संकुल प्राचार्य और शाला प्रभारियों को निर्देश दें कि जो अतिथि शिक्षक ऐप पर ई अटेंडेंस नहीं लगाएगा उसे मानदेय नहीं दिया जायेगा यानि उसका वेतन काट दिया जायेगा।
ई-अटेंडेंस के आंकड़ों ने चौंकाया
जानकारी के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में अतिथि शिक्षकों की ई-अटेंडेंस की स्थिति की समीक्षा की उसमें जो आंकड़े सामने आए उसे देखकर अधिकारी चौंक गए। प्रदेश के अनूपपुर में एक भी अतिथि शिक्षक ने ई अटेंडेंस नहीं लगाई, इसके अलावा किसी जिले में 10 प्रतिशत तो कहीं 20 प्रतिशत ई अटेंडेंस दर्ज हुई जिसके बाद अब विभाग एन सख्ती दिखाई है

