युवक पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 1.20 लाख की मांग, पूर्व इंस्पेक्टर समेत 4 पर FIR
जानिए क्या है पूरा मामला…..?
मकडा़ई एक्सप्रेस 24 इंदौर।
लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच के एक तत्कालीन निरीक्षक, एक आरक्षक, एक ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एक युवक के खिलाफ दर्ज शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने के बदले 1 लाख 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
कैसे हुआ खुलासा…?
इंदौर के तुलसी नगर निवासी प्रीत हजारी ने 2 अगस्त 2026 को शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके पुत्र प्रांजल हजारी को एक शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने बुलाया था। वहां तत्कालीन निरीक्षक सुजीत श्रीवास्तव और अन्य पुलिसकर्मियों ने प्रांजल पर कार्रवाई नहीं करने के एवज में 1 लाख 20 हजार रुपये की मांग की।
बैंक खाते में डलवाए रुपये
शिकायत के अनुसार 20 मार्च 2026 को 50,800 रुपये UPI के माध्यम से इंदौर निवासी दीपक पटेल के खाते में ट्रांसफर कराए गए। इसके बाद शेष 70 हजार रुपये नकद लिए गए। इन सभी के सबूत लोकायुक्त को उपलब्ध कराए थे। पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त राजेश सहाय की निगरानी में जांच हुई।
शिकायत प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर सोमवार को तत्कालीन निरीक्षक सुजीत श्रीवास्तव, आरक्षक विकास सेंथव, ड्राइवर अभय सिंह और दीपक पटेल के खिलाफ केस दर्ज किया गया।

