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नरवाई जलाने पर सख्त कार्रवाई: एसडीएम विजय राय का फरमान 

केके यदुवंशी 

सिवनी मालवा।एसडीएम विजय राय की अध्यक्षता में रबी फसल अवशेष प्रबंधन हेतु एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में नरवाई जलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए बैठक में एसडीएम ने सभी अधिकारी कर्मचारी को पता है कि नरवाई जलाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई हहोगी फसल अवशेषों का रचनात्मक उपयोग करने के निर्देश दिए गए

भूसा संग्रहण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया गया।कृषकों को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से नरवाई के बंडल बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाए रबी फसल अवशेष प्रबंधन हेतु बैठक संपन्न हुई ब्लॉक स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में तहसील सिवनी मालवा के समस्त हल्का पटवारी, कोटवार, ग्राम पंचायत सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, कृषि विभाग के अमले तथा कस्टम हायरिंग सेंटरों के संचालकों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया

बैठक के दौरान एसडीएम श्री राय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने की घटनाओं को पूरी तरह से रोका जाए उन्होंने मैदानी अमले को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक ग्राम में जाकर ग्राम चौपालों का आयोजन करें और कृषकों को नरवाई प्रबंधन के आधुनिक तरीकों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें स्पष्ट हिदायत दें कि खेतों में आग लगाना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है बल्कि यह कानूनी रूप से भी प्रतिबंधित है।​

बैठक में नरवाई के रचनात्मक उपयोग पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में उपलब्ध आधुनिक कृषि संयंत्रों के माध्यम से नरवाई का समुचित उपचार किया जाए। एसडीएम ने निर्देश दिए कि फसल अवशेषों से भूसा बनाकर उसे स्थानीय गौशालाओं में संग्रहित करने की व्यवस्था की जाए। इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक ग्राम में एक उपयुक्त शासकीय भूमि (खसरा नंबर) का चयन कर उसे ‘भूसा संग्रहण केंद्र’ के रूप में चिन्हित किया जाएगा।

इस केंद्र का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि कृषक वहां भूसा एकत्रित कर सकें, जिसका उपयोग बाद में निराश्रित गोवंश और गौशालाओं के लिए चारा आपूर्ति हेतु किया जा सके। इसके अतिरिक्त, कृषकों को बेलर जैसे आधुनिक उपकरणों के माध्यम से नरवाई के बंडल (बेल्स) बनाकर उन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में भेजने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा,

जिससे कृषि अवशेषों से आर्थिक लाभ अर्जित किया जा सके।​एसडीएम श्री विजय राय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन द्वारा पर्याप्त समझाइश के बाद भी नरवाई जलाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी

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एसडीएम के निर्देश

– मैदानी अमले को ग्राम चौपालों का आयोजन करने के निर्देश।

– कृषकों को नरवाई प्रबंधन के आधुनिक तरीकों के प्रति जागरूक करने के निर्देश।

– नियमों का उल्लंघन करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई के साथ-साथ भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा।

कृषकों से अपील

– जन-धन और जमीन की उपजाऊ शक्ति को बचाने के लिए शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।

– नरवाई प्रबंधन में अपना सक्रिय सहयोग प्रदान करें।