jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया : पागल बाबा आश्रम की पहल।हर शाम नर्मदा आरती से भक्तिमय होता घाट! इंदौर में ‘स्वच्छ इंदौर, स्वस्थ इंदौर महाअभियान 2.0’ की शुरुआत भोपाल : VIT भोपाल में टाइफाइड का कहर, 40+ छात्र संक्रमित महिला तेंदूपत्ता संग्राहकों के सशक्तिकरण के लिये प्रदेश में संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियां- मुख्यमंत्... मध्यप्रदेश में बढ़ी गर्मी, 30 अप्रैल तक स्कूलों की छुट्टी घोषित, सरकार ने जारी किया आदेश मणिपुर में भड़की हिंसा, गोलीबारी में 3 की मौत जेल लोक अदालत का आयोजन 26 अप्रैल को आंगनवाड़ी केन्द्र पर महिला जागरूकता कार्यक्रम सम्पन्न जिला जेल हरदा में विशेष स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं विधिक सहायता शिविर सम्पन्न विश्व मलेरिया दिवस पर विविध गतिविधियों का हुआ आयोजन

छिंदवाड़ा में भयंकर जल संकट, गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

छिंदवाड़ा। इंदौर में दूषित पानी पीने की वजह से कई लोगों की मौत हो रही है और सैकड़ों की संख्या में लोग बीमार हैं। इसके बाद भी छिंदवाड़ा का सरकारी तंत्र सबक लेने को तैयार नहीं है, छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय से करीब 10 किलोमीटर दूर बांडाबोह गांव में करीब एक महीने से नल जल योजना बंद है। जिसकी वजह से ग्रामीण नहर और खुले कुएं का दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

नहर का पानी पीने को मजबूर ग्रामीण
बांडाबोह गांव निवासी बिंदु बाई कराड़े ने बताया कि “गांव में नल लगकर तैयार हो चुके हैं और पानी की टंकी भी बन गई है, लेकिन नलों से पानी नहीं आता है। एक साल से अधिकतर समय ट्यूबवेल की मोटर खराब रहती है। बीते एक महीने से हम लोग नहर का गंदा पानी पीने और अन्य कामों में प्रयोग कर रहे हैं. जिसके कारण लोग बीमार हो रहे हैं। इसकी शिकायत सरपंच से लेकर संबंधित अधिकारियों से की गई, लेकिन कोई पानी की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहा है।”

- Install Android App -

ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय किसान रमन कुमार परतेती ने आरोप लगाते हुए बताया कि “गांव में करीब एक साल से पानी की समस्या है। इसको लेकर कई बार सरपंच को शिकायत की गई, लेकिन उनका कहना है कि आपके गांव से मुझे वोट नहीं मिले थे, तो मैं यहां की समस्याओं पर क्यों ध्यान दूं।” वहीं सरपंच सरला सोमकेकंवर ने बताया कि “सचिव के डिजिटल सिग्नेचर में समस्या थी, इसलिए बिल पास नहीं हो पा रहा था. अब डिजिटल सिग्नेचर बनाकर तैयार हो गए हैं और ट्यूबवेल की मोटर भी ठीक कर ली गई है। जल्द ही गांव में पानी की सप्लाई सही ढंग से होने लगेगी।”

वहीं एक अन्य रोहन भलावी नामक व्यक्ति बताते हैं कि “गांव के पास एक तालाब है, जहां से नहर खेतों में सिंचाई के लिए चलती है। उसी नहर से घरेलू उपयोग और पशुओं को पिलाने के लिए पानी का उपयोग करना पड़ता है। खुद के पीने के लिए मुश्किल से किसी के खेत में मौजूद कुएं या ट्यूबेल से पानी लाना पड़ता है। कई बार तो खेत मालिक भी पानी पीने के लिए नहीं भरने देते हैं। कई बार अधिकारियों से हमने शिकायत भी की है, लेकिन अधिकारी आते हैं और पंचनामा बनाकर चले जाते हैं।”