उज्जैन। नगर निगम के पीएचई विभाग द्वारा जो शहर भर में दो दर्जन से अधिक टंकियों के माध्यम से जनता के घरों में नल द्वारा पानी सप्लाई किया जा रहा था। इसमें से अधिकांश में गाद (किचड़) बदबूदार मटमैला पानी भरा पाया गया। इंदौर में मृत्यु के तांडव के बाद जब उज्जैन निगम आयुक्त ने पीएचई विभाग को निर्देश दिए तो यह चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। खैर पीएचई विभाग चामुंडा चोराहा के पास इस टंकी को सफाई हेतु खाली किया गया और पानी को बहाया गया तो चामुंडा माता चौराहा के आसपास सड़क तालाब में तब्दील हो गई क्योंकि सड़कों पर इस क्षेत्र में जल निकासी ठीक नहीं है।
ग़ौरतलब है कि उज्जैन में भी आए दिन नलों से घरों में गंदा बदबू दार पानी की शिकायत आती रही है। देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम क्या स्वच्छ जल सप्लाई की व्यवस्था करतीं हैं जिससे कि इंदौर के भागीरथ पुरा कांड की पुनरावृत्ति कम से कम उज्जैन में देखने को ना मिले।
यहां पर यह बहाना नहीं चलेगा कि सिवरेज लाइन लीक हो गई अवर फ्लो हो गया पीएचई लाइन 40 साल पुरानी है पाइप सड़ गए। आमजन आपके भरोसे पानी पीने में इस्तेमाल करता है तो इस विश्वास को कायम रखने की जबाब दारी भी आपकी ही बनती है।

