jhankar
ब्रेकिंग
मंदसौर हत्याकांड: अवैध संबंधों की वेदी पर चढ़ा पति, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर दी खौफनाक मौत हरदा में महिला सशक्तिकरण की पहल बनी चर्चा का विषय — SVS जनकल्याण फाउंडेशन की मुहिम, प्रशासन से भी सह... 14 अप्रेल विशेष:डॉ. बीआर. अम्बेडकर का जीवन परिचय, शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में योगदान Harda big news : बहुचर्चित मोहित गौर हत्याकांड जेल में बंद कैदी नंबर 345 की संदिग्ध परिस्थितियों मे... बड़ी खबर: MP बोर्ड 15 अप्रैल को जारी करेगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, 16 लाख छात्रों का इंतजार होगा खत्म बिग न्यूज हरदा : रात के अंधेरे में चोरी से चल रही बोरवेल मशीन, पुलिस ने पकड़ा, देखे वीडियो बड़ी खबर: MP बोर्ड 15 अप्रैल को जारी करेगा 10वीं-12वीं का रिजल्ट, 16 लाख छात्रों का इंतजार होगा खत्म घोर कलयुग ,बहु का आरोप : ससुर ने विधवा बहु दिव्यांग पोते के साथ की धोखाधड़ी ! धोखे में रखकर बेटे के... MP Weather Alert: तपती धूप और गर्म हवाओं का घेरा, मध्य प्रदेश के इन जिलों में 'लू' का अलर्ट पॉलिटेक्निक कॉलेज में डॉ अंबेडकर जयंती समारोह कार्यक्रम 14 अप्रैल को

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर जोन में झालरिया महादेव के दर्शन, साल में एक बार खुलते हैं द्वार

पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित कोर जोन में स्थित आस्था और प्रकृति का अद्भुत संगम झालरिया महादेव के दर्शन आज गुरुवार को श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। ये साल में सिर्फ एक बार ही खोले जाते हैं। घने जंगलों, ऊंची-ऊंची चट्टानों और वन्यजीवों के बीच बसे इस दिव्य गुफा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। हजारों की संख्या में भक्तों ने भगवान शिव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। झालरिया महादेव की विशेषता यह है कि यहां स्थित शिवलिंग का प्राकृतिक जलधाराओं से निरंतर अभिषेक होता है। हजारों फीट ऊंची चट्टानों के बीच से गिरती अमृत समान जलधारा श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देती है।

- Install Android App -

6 घंटे के लिए ही मिलती है श्रद्धालुओं को परमिशन

मंदिर के आसपास फैली रंग-बिरंगी चट्टानें और हरियाली इस स्थान को और भी मनोहारी बनाती हैं। भक्तों का कहना है कि यहां दर्शन मात्र से ही मन को अद्भुत शांति मिलती है। कोर जोन में स्थित होने के कारण सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सिर्फ बड़ी गाड़ियों को ही अंदर जाने की अनुमति दी गई, वह भी सीमित समय यानी मात्र 6 घंटे के लिए थी। पन्ना टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र में वन विभाग का विशेष निगरानी दल तैनात रहा।