हरदा में महिला सशक्तिकरण की पहल बनी चर्चा का विषय — SVS जनकल्याण फाउंडेशन की मुहिम, प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा
हरदा : हरदा जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में SVS जनकल्याण फाउंडेशन द्वारा एक विशेष बैठक आयोजित की गई। यह बैठक हरदा शहर की बड़ी नहर क्षेत्र में स्थित संस्था की प्रमुख क्षमा विश्वकर्मा के निज निवास पर संपन्न हुई, जिसमें महिलाओं के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की शुरुआत तथा संस्था के विस्तार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर उपस्थित सभी सदस्यों ने महिलाओं को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया।
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हरदा जिले में जल्द ही महिला प्रशिक्षण केंद्र प्रारंभ किया जाएगा, जहाँ महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, कंप्यूटर, हस्तशिल्प, मोमबत्ती-अगरबत्ती निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, मेहंदी कला, पैकेजिंग एवं विपणन जैसे विभिन्न कौशल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किए जाएंगे। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इस अवसर पर SVS जनकल्याण फाउंडेशन की प्रमुख क्षमा विश्वकर्मा ने संस्था की आगामी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण और अवसर प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना संस्था का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यदि महिलाओं को सही दिशा और प्रशिक्षण मिले तो वे समाज में अपनी अलग पहचान बनाते हुए परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि क्षमा विश्वकर्मा पिछले कई वर्षों से बिना किसी बाहरी सहायता के भी अपने स्तर पर समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रही हैं। उन्होंने अपने क्षेत्र की कई जरूरतमंद एवं बेरोजगार महिलाओं को मार्गदर्शन देकर उन्हें स्वरोजगार शुरू करने में सहायता प्रदान की है। एक समाजसेवी के रूप में वे लगातार महिलाओं को आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य करती रही हैं, जिसके कारण क्षेत्र में उन्हें एक सक्रिय और समर्पित सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाना जाता है।
बैठक के दौरान अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व से NGO संचालन का अनुभव रखने वाली क्षमा लोवंशी द्वारा भी महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया गया। उन्होंने महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
वहीं सरिता मालवी, जो विभिन्न सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों में कई प्रकार के कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का संचालन कर चुकी हैं, उन्होंने भी महिलाओं को प्रशिक्षण के माध्यम से आगे बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के विषय में अपने अनुभव साझा करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।
इस बैठक को सफल बनाने में गोलू विश्वकर्मा का भी विशेष योगदान रहा। उन्होंने बैठक के आयोजन और सभी सदस्यों को एक मंच पर जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बताया गया कि क्षमा विश्वकर्मा और उनकी टीम लंबे समय से कमजोर, जरूरतमंद और बेरोजगार महिलाओं को आगे बढ़ाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने संस्था की इस पहल का समर्थन करते हुए महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए अपना पूर्ण सहयोग देने की बात कही। सभी का मानना है कि यदि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किए जाएँ तो इससे जिले की कई महिलाएं आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
बैठक में प्रमुख रूप से उपस्थित सदस्य एवं महिलाओं में –
क्षमा विश्वकर्मा, क्षमा लोवंशी, सरिता मालवी, मोनिका विश्वकर्मा, सारिका मालवीय, बंधना पंवार, दीपा मालवीय, दीक्षा मालवीय, नेहा सावनेर, टीना विश्वकर्मा, रेखा सोनी, शशि मनलेकर, कुसुम बाई मालवी तथा क्षमा सार सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि SVS जनकल्याण फाउंडेशन की यह पहल हरदा जिले की कमजोर, जरूरतमंद और बेरोजगार महिलाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। साथ ही यह भी आशा व्यक्त की गई कि यदि शासन-प्रशासन और समाज का सहयोग प्राप्त होता है तो यह पहल जिले की अनेक महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का माध्यम बन सकती है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि इस प्रकार की पहल को उचित मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो हरदा जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।

