हंडिया : बस स्टैंड मार्केट बना ‘अतिक्रमण का अड्डा’! टीन शेड माफिया हावी, छोटे दुकानदारों का दम घुटा—धार्मिक नगरी में श्रद्धालु भी परेशान!
हंडिया। धार्मिक नगरी हंडिया में बस स्टैंड मार्केट का हाल इन दिनों बदहाल होता जा रहा है। जहां एक ओर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु मां नर्मदा और रिद्धनाथ बाबा के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं, वहीं दूसरी ओर बाजार में बढ़ता अतिक्रमण उनके लिए भी भारी परेशानी का कारण बन रहा है।
कुछ दुकानदारों द्वारा दुकान से कई फीट आगे तक टीन शेड बढ़ाकर उस पर कुरकुरे व अन्य पाउच लटकाए जा रहे हैं, जिससे पूरा बाजार अस्त-व्यस्त हो गया है। हालात यह हैं कि छोटे दुकानदारों की दुकानें पूरी तरह ढंक गई हैं और उनका व्यापार चौपट होने की कगार पर पहुंच गया है।
दुकानदार सचिन तिवारी और अमन कनोजिया ने इस पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि यह सीधा-सीधा अतिक्रमण है। बड़े दुकानदार आगे तक कब्जा जमाकर छोटे व्यापारियों की दुकानें छिपा रहे हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट आ गया है।
टीन शेड के नीचे लटकते सामान के कारण बाजार में असंतुलन साफ नजर आ रहा है। कुछ दुकानों पर ही ग्राहकों की भीड़ लग रही है, जबकि अन्य दुकानदार ग्राहकों के लिए तरस रहे हैं।
बस स्टैंड मार्केट जैसे व्यस्त क्षेत्र में यह अतिक्रमण आम लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी बड़ी समस्या बन चुका है। संकरे रास्ते, लटकते पाउच और अव्यवस्थित ढांचा आवागमन में बाधा बन रहा है।
अमावस्या और पर्व पर बढ़ती है मुसीबत
विशेष पर्व, अमावस्या और धार्मिक आयोजनों के दौरान यहां भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे समय में यह अतिक्रमण और भी खतरनाक स्थिति पैदा कर देता है, जिससे श्रद्धालुओं को निकलने तक में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
मालूम हो कि कुछ दिन पहले एसडीएम की टीम ने अतिक्रमण और सफाई अभियान चलाकर 50 से 250 रुपए तक जुर्माना वसूला था। उसी दौरान सचिन तिवारी और अमन कनोजिया ने इस गंभीर समस्या की ओर अधिकारियों का ध्यान भी आकर्षित किया था, लेकिन आज तक इस बड़े अतिक्रमण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
आखिर क्यों अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई नहीं हो रही? क्या धार्मिक नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं और छोटे दुकानदारों की परेशानी की कोई कीमत नहीं?
व्यापारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सामूहिक आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

