हंडिया : आस्था के घाट पर गंदगी का साम्राज्य! मां नर्मदा के सड़क घाट पर कचरे का कब्ज़ा, टूटा नाडेप बना दुर्गंध का अड्डा
होली नज़दीक, जिम्मेदार बेखबर — सरपंच-सचिव ने जैसे आंखों पर बांध ली पट्टी!
हंडिया। आस्था और पवित्रता के प्रतीक नर्मदा नदी के सड़क घाट की हालत इन दिनों बदहाल है। जहां श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन और स्नान के लिए पहुंचते हैं, वहीं घाट पर गंदगी का साम्राज्य पसरा हुआ है।
घाट के उतार में बना नाडेप कई दिनों से टूटा पड़ा है, जिसके कारण सड़ा-गला कचरा खुले में फैल रहा है। दुर्गंध इतनी तेज है कि राहगीरों और श्रद्धालुओं का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया है।
कागज़ों में सफाई, ज़मीनी हकीकत में सड़ांध!
इसे देखकर साफ कहा जा सकता है कि घाट क्षेत्र की सफाई सिर्फ कागज़ों में दिखाई देती है। पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी धार्मिक स्थलों की स्वच्छता को लेकर पूरी तरह उदासीन नजर आ रहे हैं।
नाडेप टूटने के बाद से कचरा लगातार जमा हो रहा है, लेकिन मरम्मत या सफाई की कोई ठोस कार्रवाई अब तक नहीं हुई। परिणामस्वरूप घाट क्षेत्र में वातावरण असहनीय हो चुका है।
यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही का खुला प्रमाण बन चुकी है।
होली सिर पर, लेकिन सफाई व्यवस्था चरमराई
होली जैसे प्रमुख पर्व में अब कुछ ही दिन शेष हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाट पर पहुंचते हैं।
लेकिन वर्तमान हालात चिंताजनक हैं —
कचरे के ढेर,अधूरी नालियों की सफाई,सड़क घाट पर बदबू और गंदगी।
आस्था स्थल की यह दुर्दशा न केवल धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा रही है, बल्कि ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जनता का सवाल — कब जागेंगे जिम्मेदार?
स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्व-त्योहारों के पहले जहां ग्राम को स्वच्छ और सुंदर दिखना चाहिए, वहीं हंडिया में गंदगी प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिन्ह बनकर खड़ी है।
अब देखना यह है कि होली से पहले जिम्मेदार अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर मां नर्मदा के घाट पर गंदगी का यह कब्ज़ा यूं ही कायम रहेगा।

