अक्षय खन्ना का रहमान डकेत वाला डांस रणवीर कपूर का अभिनय लोगो मे चर्चित हुआ
आदित्य धर द्वारा निर्देशित फिल्म ‘धुरंधर’ साल 2025 की सबसे चर्चित और सफल फिल्मों में से एक बनकर उभरी है। यह एक स्पाई-थ्रिलर है जो सच्ची घटनाओं और भारत-पाकिस्तान के बीच के जटिल भू-राजनीतिक संबंधों पर आधारित है।
फिल्म की कहानी और निर्देशन
फिल्म की कहानी ‘ऑपरेशन धुरंधर’ के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ भारतीय खुफिया एजेंसियाँ पाकिस्तान के कराची (विशेषकर ल्यारी इलाके) में अपने अंडरकवर एजेंट भेजती हैं। रणवीर सिंह ने ‘हमजा अली मजहरी’ (जसकीरत सिंह रंगी) का किरदार निभाया है, जो एक मौत की सजा पाए कैदी से भारत का सबसे घातक जासूस बनता है।
निर्देशक आदित्य धर ने ‘उरी’ की तरह यहाँ भी अपनी पकड़ बनाए रखी है, लेकिन ‘धुरंधर’ का कैनवास बहुत बड़ा और गहरा है। फिल्म में 2001 संसद हमले और 26/11 जैसी वास्तविक घटनाओं को कहानी के साथ बड़ी चतुराई से जोड़ा गया है।
अभिनय और तकनीकी पक्ष
रणवीर सिंह: उन्होंने अपनी ऊर्जा को इस गंभीर किरदार में पूरी तरह झोंक दिया है। लंबे बालों और गहरी आंखों के साथ उनकी स्क्रीन प्रेजेंस जबरदस्त है।
अक्षय खन्ना: ‘रहमान डकैत’ के रूप में उन्होंने एक बार फिर साबित किया कि वे बिना ज्यादा बोले भी अपनी आंखों से खौफ पैदा कर सकते हैं।
अन्य कलाकार: आर. माधवन, संजय दत्त और अर्जुन रामपाल ने अपने सहायक किरदारों में जान डाल दी है। सारा अर्जुन का काम भी सराहनीय है।
तकनीकी रूप से फिल्म बहुत मजबूत है। इसका बैकग्राउंड स्कोर तनाव पैदा करता है और सिनेमैटोग्राफी कराची के ल्यारी जैसे इलाकों की अराजकता को बखूबी पर्दे पर उतारती है।फिल्म की सबसे बड़ी चुनौती इसकी 3 घंटे 34 मिनट की लंबाई है। कई जगहों पर कहानी धीमी हो जाती है और बहुत सारे किरदारों के कारण दर्शक थोड़े भ्रमित हो सकते हैं।
‘धुरंधर’ केवल एक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह उन गुमनाम हीरों की गाथा है जो दुश्मन की सीमा में रहकर देश की रक्षा करते हैं। अगर आप देशभक्ति से प्रेरित और सस्पेंस से भरी फिल्में पसंद करते हैं, तो यह आपके लिए एक बेहतरीन अनुभव होगा।
रेटिंग: 4/5 स्टार
अक्षय खन्ना के अभिनय की तारीफ हर तरफ रहमान डकेत के चर्चे
फिल्म ‘धुरंधर’ में अक्षय खन्ना का अभिनय उस रीढ़ की हड्डी की तरह है, जो पूरी फिल्म को स्थिरता और गहराई प्रदान करता है। जहाँ रणवीर सिंह का किरदार ऊर्जा और आक्रामकता से भरा है, वहीं अक्षय खन्ना ने ‘शांत रहकर भी खतरनाक दिखने’ की कला को एक नए स्तर पर पहुँचा दिया है।
उनकी अदाकारी की कुछ खास बातें निम्नलिखित हैं:
शानदार संयमित अभिनय
अक्षय खन्ना को बॉलीवुड के सबसे ‘अंडररेटेड’ अभिनेताओं में गिना जाता है, और इस फिल्म में उन्होंने दिखाया कि क्यों। ‘रहमान डकैत’ के किरदार में उन्होंने बिना किसी ऊंचे संवाद या भारी-भरकम एक्शन के, केवल अपनी आंखों और चेहरे के हाव-भाव से दहशत का माहौल बनाया।
आंखों की भाषा भी कमाल है
फिल्म के कई दृश्यों में वे बिना बोले केवल अपनी गहरी और भेदने वाली नजरों से सामने वाले पात्र (और दर्शकों) को असहज कर देते हैं। उनका यह ‘कोल्ड’ लुक उनके किरदार को एक रहस्यमयी आभा देता है।
डिक्शन और संवाद अदायगी
उनके बोलने का लहजा और शब्दों का चुनाव इतना सटीक है कि उनके साधारण संवाद भी प्रभावशाली लगते हैं। वे चिल्लाकर नहीं, बल्कि फुसफुसाकर भी अपनी बात में वजन पैदा करना जानते हैं।
रणवीर के साथ जुगलबंदी
फिल्म में जब भी रणवीर सिंह और अक्षय खन्ना एक ही फ्रेम में आते हैं, तो एक जबरदस्त ‘स्क्रीन प्रेजेंस’ का टकराव देखने को मिलता है। अक्षय का ठहराव रणवीर की तीव्रता को संतुलित करता है, जिससे फिल्म का ड्रामा और भी निखर कर आता है।
“अक्षय खन्ना ने साबित कर दिया है कि एक विलेन या ग्रे शेड वाले किरदार को निभाने के लिए शारीरिक ताकत से ज्यादा मानसिक दृढ़ता और सूक्ष्म अभिनय की आवश्यकता होती है।”

