धामनोद। नप धामनोद में धरना आंदोलन जारी है। लेकिन नगर की व्यवस्था दिन प्रतिदिन बदहाल नज़र आ रही है। पूर्व में केवल भारतीय जनता पार्टी के ही पार्षद धरना आंदोलन पर अड़े थे। लेकिन अब अन्य दलों के पार्षद दल भी धरना स्थल पर पहुंच कर वार्डो की समस्या सुनाई है। और कहा है नगर परिषद में करोड़ों का बिल फर्जी तरीके से पास ही रहा है। किंतु नगर में विकास कार्य जीरो है। आज नगर का प्रत्येक वार्ड की सड़के जर्जर, नालियो में गंदगी की भरमार। यहां तक कि पेयजल सप्लाई में पानी तक समय से और शुद्ध नगरवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
मीडिया जानकारी में फ़ौजी ज़पार्षद जितेंद्र सोलंकी ने बताया कि, सीएमओ हटाओ धामनोद बचाओ। नगर पिछले लंबे समय से स्वच्छता, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और जर्जर सड़कों जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। नगर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियों का गंदा पानी पेयजल में मिल रहा है, रात के समय कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहता है और सड़कें बदहाल हो चुकी हैं। विगत 4 वर्षों से अटके निर्माण कार्यों को लेकर जनता लगातार परेशान है। उन्होंने आरोप लगाया कि, बार-बार शिकायतों और संवाद के बावजूद नगर परिषद द्वारा, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सड़क किनारे नालियां बनाने रास्तों को खोद कर छोड़ दिया… अगवगमन के रास्तों के रुपए वार्ड वासियों ने दिए–धामनोद की जनता इन दिनों विकास के नाम पर हो रही अंधाधुन खुदाई से परेशान है। सिवरेज और नगर परिषद नगर पुराना एबी रोड़ मार्ग के दोनों और नालियों का निर्माण कराया गया। नालियों के गहरी करण व नए निर्माण के लिए खुदाई के कारण कॉलोनियों के रास्ते बंद हो गए। नालियां बनने के बाद सिवरेज ठेकेदार और नगर परिषद द्वारा वार्डो के आवागमन के रास्तों स्वयं के खर्च पर बनाने के लिए कह दिया। लगभग सभी वार्डो में पाइप लाइन से लेकर नालियों पर स्लोप तक रहवासियों ने अपने निजी रुपए खर्च कर आवागमन मार्ग चालू कराया। सिवरेज की कार्य नीति से और सीएमओ की अनदेखी से नगर इन दिनों बदहाल होते जा रहा है।

