एनईपी-2020 के अनुरूप पूर्व-प्राथमिक शिक्षा, खेल आधारित अधिगम एवं शाला तत्परता पर शिक्षकों को मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण
हरदा : मध्य प्रदेश राज्य शिक्षा केंद्र, भोपाल द्वारा यूनिसेफ के सहयोग से सत्र 2026-27 हेतु पूर्व-प्राथमिक शिक्षा (ईसीसीई-अर्ली चाइल्डहूड केयर एण्ड एजुकेशन) विषय पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), बागरुल, जिला हरदा में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हुआ। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न सीएम राइज विद्यालयों, मॉडल स्कूलों एवं बाल वाटिकाओं से जुड़े शिक्षकों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के समग्र विकास, खेल-आधारित शिक्षण, गतिविधि आधारित अधिगम, भाषा एवं संज्ञानात्मक विकास तथा बाल-केंद्रित शिक्षण पद्धतियों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण का संचालन मास्टर ट्रेनर अर्चना भैंसारे एवं नीरज बिल्लौरे द्वारा किया गया। प्रथम दिवस पर प्रतिभागियों का प्री-टेस्ट लेकर ईसीसीई की अवधारणा, उद्देश्य एवं अधिगम-विकास के पाँच डोमेन पर चर्चा की गई। द्वितीय दिवस पर विभिन्न गतिविधियों, समूह कार्य, कहानी, गीत एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
वहीं अंतिम दिवस पर शाला तत्परता (स्कूल रेडीनेस), विद्यालय तैयारी मॉड्यूल, होलिस्टिक प्रोग्रेस कार्ड तथा बढ़ते कदम ट्रैकर पर बच्चों की प्रविष्टि एवं समग्र मूल्यांकन की प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागियों से फीडबैक प्राप्त किया गया। शिक्षकों ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं व्यवहारिक बताते हुए कहा कि इससे प्राप्त ज्ञान का उपयोग विद्यालयों एवं बाल वाटिकाओं में बच्चों के समग्र विकास तथा गुणवत्तापूर्ण पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को प्रभावी बनाने में किया जाएगा।
इस अवसर पर मास्टर ट्रेनर्स ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन में ईसीसीई की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा प्रशिक्षित शिक्षक प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को अधिक सुदृढ़, आनंददायक एवं बाल-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

