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आज के खास त्योहार छोटी दिवाली / नरक चतुर्दशी / काली चौदस मनाई जायेगी

मकडा़ई एक्सप्रेस 24 धर्म आस्था। आज 7 नवंबर 2026, शनिवार को दीपावली के पांच दिवसीय महापर्व का दूसरा महत्वपूर्ण दिन है, जिसे छोटी दिवाली, नरक चतुर्दशी, रूप चौदस और काली चौदस के नाम से जाना जाता है।

आज की तिथि – हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि आज सुबह 10 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ होकर कल 8 नवंबर सुबह 11 बजकर 27 मिनट तक रहेगी।

आज का दिन खास क्या हुआ

प्राचीन मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी नरकासुर का वध कर 16,100 कन्याओं को उसके बंदीगृह से मुक्त कराया था। इसी खुशी में दीप जलाकर उत्सव मनाया गया। इसलिए इसे नरक चतुर्दशी भी कहते हैं। दूसरी मान्यता के अनुसार इस दिन यमराज की पूजा करने से नरक की यातनाओं से मुक्ति मिलती है। वहीं पश्चिम भारत विशेषकर गुजरात में इसे काली चौदस के रूप में मनाया जाता है, जिसमें महाकाली की रात्रि पूजा से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। इसे रूप चौदस भी कहते हैं क्योंकि इस दिन उबटन लगाकर स्नान करने से रूप में निखार आता है।

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आज की पूजन विधि 

आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व है। सरसों के तेल से शरीर की मालिश कर अपामार्ग (चिचड़ी) के पत्ते पानी में डालकर स्नान करना चाहिए। इससे नरक से मुक्ति मिलती है। स्नान के बाद हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए क्योंकि आज शनिवार भी है और हनुमान जयंती के रूप में भी इसे उत्तर भारत में मनाया जाता है।

हनुमान मंदिर में सिंदूर, चमेली का तेल और बूंदी का भोग लगाएं। शाम के समय प्रदोष काल में यम के नाम का दीया जलाना सबसे महत्वपूर्ण है। चार मुख वाला आटे का दीया बनाकर उसमें सरसों का तेल डालकर घर की दक्षिण दिशा में दरवाजे के बाहर रखें।

पूजन का विशेष मुहूर्त

आज शाम 5 बजकर 31 मिनट से 6 बजकर 51 मिनट तक है। इसके बाद रात 11 बजकर 39 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक काली चौदस की निशिता पूजा होगी, जिसमें मां काली को नींबू, लौंग और काले तिल अर्पित किए जाते हैं। साथ ही आज मासिक शिवरात्रि भी है, इसलिए शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाना भी फलदायी रहेगा।