भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और इंदौर को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर जल्द ही एक भव्य प्रवेश द्वार नजर आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को हुजूर विधानसभा क्षेत्र के फंदा में प्रस्तावित ‘सम्राट विक्रमादित्य द्वार’ का विधिवत भूमिपूजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ी घोषणा करते हुए फंदा क्षेत्र का नाम बदलकर ‘हरिहर नगर’ करने का ऐलान किया। कार्यक्रम में उन्होंने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत भोपाल में बनने वाले अत्याधुनिक ई-बस डिपो की आधारशिला भी रखी।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार विरासत और विकास के समन्वय के साथ आगे बढ़ रही है। उन्होंने जानकारी दी कि राजधानी भोपाल में कुल 9 भव्य स्वागत द्वार बनाए जा रहे हैं। इन द्वारों का नामकरण राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य, भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण जैसे महापुरुषों के नाम पर किया जाएगा। यह द्वार केवल प्रवेश का माध्यम नहीं होंगे, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को आधुनिक शहरी विकास से जोड़ने का प्रतीक भी बनेंगे।
5 करोड़ की लागत
भोपाल-सीहोर रोड पर बनने वाला यह प्रवेश द्वार भारतीय स्थापत्य कला का एक बेजोड़ नमूना होगा। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले इस द्वार की ऊंचाई 24.4 फीट होगी। सिक्सलेन सड़क पर तीन पिलरों पर टिके इस द्वार की कुल चौड़ाई 30 मीटर होगी, जिसमें 5 मीटर का हरित सेंट्रल वर्ज भी शामिल रहेगा। इंदौर की तरफ से भोपाल में प्रवेश करते समय यह द्वार सम्राट विक्रमादित्य की भव्य प्रतिमा के साथ आगंतुकों का स्वागत करेगा।

