Wheat Seed Booking: गेंहू की खेती में उन्नति और बेहतर उत्पादन के लिए हर साल कृषि वैज्ञानिक नई-नई किस्में विकसित करते हैं। इसी कड़ी में गेंहू एवं जौ अनुसंधान संस्थान, करनाल ने 17 सितंबर 2024 से गेंहू की 15 नई किस्मों की बुकिंग शुरू कर दी है। इन किस्मों का मुख्य उद्देश्य किसानों को अधिक पैदावार और मुनाफा दिलाना है। आइए जानते हैं इस बुकिंग प्रक्रिया के बारे में विस्तार से और कैसे आप भी इन उन्नत किस्मों का लाभ उठा सकते हैं।
गेंहू की नई किस्मों की खासियत
नए बीजों की ये किस्में रोग प्रतिरोधी हैं और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव इन पर कम होता है। इसके चलते, किसान भाई मौसम की विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। खासकर फरवरी में आने वाली तेज गर्मी के बावजूद ये किस्में बेहतर उत्पादन देती हैं, जिससे किसानों को अच्छा मुनाफा होता है।
बुकिंग की शुरुआत
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (ICAR–IIWBR) ने 17 सितंबर 2024 से गेहूं की नई और उन्नत किस्मों की बुकिंग शुरू कर दी है। किसान अब इस पोर्टल पर जाकर अपने लिए बीज की बुकिंग कर सकते हैं। बुकिंग के लिए संस्थान ने एक सरल और उपयोगकर्ता-मित्र पोर्टल तैयार किया है, जहां से आप अपने क्षेत्र के अनुसार अनुशंसित किस्मों का चयन कर सकते हैं।
उपलब्ध गेहूं की किस्में
इस साल करनाल संस्थान ने गेहूं की 15 नई किस्में किसानों के लिए पेश की हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं
- करण वैदेही (DBW 370): यह बायो फ़ोर्टिफ़ाइड किस्म है, जो 23 क्विंटल प्रति एकड़ तक उपज दे सकती है।
- करण वृंदा (DBW 372): अधिक पौष्टिक और बेहतर बाजार मूल्य वाली यह किस्म 84.9 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है।
- करण वरुणा (DBW 372): रोग प्रतिरोधी और जलवायु परिवर्तन के अनुकूल इस किस्म की उपज 55-65 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।
- करण शिवानी (DBW 327): यह चपाती के लिए एक बेहतरीन किस्म है, जो 79.4 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक उत्पादन देती है।
इसके अलावा, करण नरेंद्र (DBW 222), करण ऐश्वर्या (DBW 296), करण मंजरी (DDW 55), डीडीडब्ल्यू 47 जैसी अन्य किस्में भी इस सूची में शामिल हैं, जिनका किसान लाभ उठा सकते हैं।
बीज की कीमत और डिलीवरी
किसानों को 10 किलो गेहूं के बीज के लिए 50 रुपये प्रति किलो की दर से भुगतान करना होगा, यानी 500 रुपये में 10 किलो बीज उपलब्ध होगा। यह बीज 10 अक्टूबर 2024 के बाद किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, होम डिलीवरी की सुविधा अभी तक नहीं दी गई है, इसलिए किसानों को बीज लेने खुद संस्थान में जाना होगा।
बुकिंग की प्रक्रिया
अगर आप भी इन उन्नत गेहूं की किस्मों का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (ICAR–IIWBR) के पोर्टल पर जाकर बुकिंग करनी होगी। इसके लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करें
1. सबसे पहले http://www.iiwbrseed.in पर जाएं।
2. भाषा का चयन करें और अपने आधार कार्ड की जानकारी भरें।
3. सही मोबाइल नंबर डालें क्योंकि OTP के माध्यम से आपको पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
4. सरल पासवर्ड चुनें, जैसे 1234 या अपना नाम, ताकि आसानी से लॉगिन कर सकें।
5. पंजीकरण के बाद, अपनी पसंद की किस्म चुनें और बुकिंग की पुष्टि करें।
बीज की डिलीवरी
पंजीकरण की सफलता के बाद, किसानों को अगले 15 दिनों के भीतर डिलीवरी के बारे में जानकारी प्राप्त होगी। बीज की डिलीवरी 10 अक्टूबर 2024 से शुरू हो जाएगी और किसानों को इसे संस्थान से लेना होगा।
गेंहू की नई और उन्नत किस्में किसानों के लिए एक शानदार मौका हैं। ये किस्में न केवल अधिक उत्पादन देती हैं, बल्कि रोग प्रतिरोधी भी हैं। ऐसे में अगर आप भी अपनी खेती को और बेहतर बनाना चाहते हैं, तो जल्द से जल्द इस बुकिंग प्रक्रिया में शामिल हो जाएं।

