भारतीय जनता पार्टी जिला अध्यक्ष के निर्वाचन की प्रक्रिया निर्विघ्न संपन्न हुई
हरदा। भारतीय जनता पार्टी भारत ही नहीं विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक संगठन है जो कार्यकर्ता आधारित है भारत के विभिन्न प्रदेशों में भाजपा सरकार एवं केंद्र में सरकार के माध्यम से जन-जन को पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मार्ग एवं दिखाए गए सिद्धांत के आधार पर जन सेवा का कार्य कर रहा है।
इसी क्रम में संगठन के अंदर लोकतांत्रिक व्यवस्था के अंतर्गत संगठन का महापर्व चल रहा है जिसके प्रथम चरण में सदस्यता अभियान ,द्वितीय चरण में सक्रिय सदस्यता का अभियान, तृतीय चरण में मंडल अध्यक्षों का निर्वचन एवं चतुर्थ चरण में जिला अध्यक्ष के निर्वाचन के साथ 30 या 31 दिसंबर तक संपन्न होगा ।
इसी क्रम में आज भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय कमल कुंज हरदा में जिला अध्यक्ष को लेकर रायशुमारी की गई इस रायशुमारी में उम्मीदवारों ने व्यक्तिगत रूप से उन अपेक्षित कार्यकर्ताओं से संपर्क किया जो इस रायशुमारी हेतु श्रेणीबद्ध किए गए थे, लगभग 37 कार्यकर्ता इस हेतु अपना मत देने के लिए अपेक्षित थे ,खुलकर किसी भी कार्यकर्ता ने अपना नाम निर्देशन नहीं किया जिन कार्यकर्ताओं को संगठन की रीति नीति एवं संगठन का दायित्व मिलने के साथ कार्य हेतु स्वयं को इस योग्य मानते हैं उन्होंने व्यक्तिगत रूप से अपनी दावेदारी उन अपेक्षित कार्यकर्ताओं के समक्ष प्रस्तुत की इनकी संख्या अनुमानित 20 से 22 रही।
इस हेतु बैठक का आयोजन किया गया बैठक में भाजपा कार्यालय, हरदा में संगठन पर्व-2024 के तहत भाजपा जिलाध्यक्ष के निर्वाचन हेतु रायशुमारी बैठक में आगामी संगठनात्मक कार्ययोजना पर चर्चा की।
इस जिलाध्यक्ष चुनाव पर्यवेक्षक जयप्रकाश चतुर्वेदी, जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह यादव, पूर्व मंत्री कमल पटेल ,पूर्व विधायक संजय शाह, पूर्व विधायक मनोहरलाल राठौर, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा , गौरीशंकर मुकाती, रमेश पटेल समेत वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
निर्वाचन की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी पर्यवेक्षक एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने दी तत्पश्चात उन अपेक्षित कार्यकर्ताओं से बंद कमरे में लिखित रूप से तीन नाम की सहमति मांगी गई बंद लिफाफे जिला निर्वाचन अधिकारी एवं पर्यवेक्षक भोपाल लेकर गए हैं जहां पर प्रदेश नेतृत्व उन पर आपसी सहमति बनाकर आगामी जिला अध्यक्ष के निर्वाचन की विधिवत घोषणा करेगा संगठन का जो क्राइटेरिया था उसमें अध्यक्ष के हेतु मिनिमम उम्र 45 एवं अधिकतम 60 वर्ष निर्धारित की गई थी ,तथा इसमें यह भी स्पष्ट निर्देश था कि किसी भी प्रकार से वह कार्यकर्ता या व्यक्ति जो अपराधिक या किसी ऐसे मामले में हो जो पार्टी गतिविधियों के विपरीत जाता उन्हें किसी भी प्रकार से इस हेतु योग्य नहीं माना जाएगा.
सभी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की रीति नीति अनुसार अनुशासन का पालन करते हुए अपनी बात उन अपेक्षित कार्यकर्ताओं के समक्ष जाहिर की जो अपनी राय देने हेतु अपेक्षित थे और निर्विघ्न रूप से रायशुमारी का यह कार्य संपन्न हुआ।

