मकड़ाई समाचार हंडिया। वर्तमान में किसानों द्वारा बोई गई रबी फसलों की गिरदावरी हेतु राजस्व विभाग के पटवारी खेत-खेत जाकर कर ऑन लाइन फसल गिरदावरी कार्य में जुटे हुए हैं। हंडिया राजस्व निरीक्षक संतोष पथोरिया ने बताया कि इन दिनों रबी सीजन की फसलों की ग्राम पटवारियों द्वारा सारा एप पर ऑन लाइन गिरदावरी की जा रही है। जिसमें पांच प्रतिशत खेतों की गिरदावरी ,जियो फैंस के माध्यम से किया जाना अनिवार्य है।
राजस्व निरीक्षक श्री पथोरिया शुक्रवार को ग्राम रातातलाई में ग्राम पटवारी द्वारा की जा रही फसल गिरदावरी का निरीक्षण कर बताया कि किसानों द्वारा खेतों में बोई गई फसल को मौके पर देखकर खसरा में दर्ज किए जाने को फसल गिरदावरी कहते हैं। इसमें खेत में बोई गई सभी प्रकार की उनके बोए गए रकबा के अनुसार प्रत्येक फसल का इंद्राज किया जाता है और साथ फसल में किस साधन के सिंचाई की गई उस साधन का उल्लेख भी किया जाता है। इन दिनों खेतों में गिरदावरी युद्ध स्तर पर चल रही है वैसे तो हमारे पटवारीगन खेत-खेत जाकर मौके पर फसल गिरदावरी कर रहे हैं। लेकिन कभी गलती से कोई फसल त्रुटिवश गलत दर्ज हो जाये तो इसलिए किसानों से भी अनुरोध है कि वो भी अपने ग्राम पटवारी से मिलकर अपने खेतों में बोई गई फसलों की जानकारी ले सकते हैं और समय रहते अभी उसे ठीक भी करा सकते हैं।क्योंकि अक्सर फसल कटने के बाद कुछ किसानों की शिकायत रहती है कि पटवारी ने हमारे खेत में गलत फसल दर्ज कर दी है और बोई गई फसल का रकबा गलत हो गया है। हमनें तो चना बोया था लेकिन गेहूँ दर्ज कर दिया या जो फसल बार रकबा बोया गया था उसमें अंतर है।हमनें गेहूँ तो बोया था लेकिन इतने रकबा में बोया था और उसी खेत के कुछ भाग में चना भी बोया था वो इतने रकबा में बोया था। इसलिए समय रहते इन सभी परेशानियों से बचा जा सकता है। क्योंकि फिर एक निश्चित समय के पश्चात फिर ऑन लाइन दर्ज फसल में सुधार या संशोधन की गुंजाइश नहीं होती है।

