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बिजली कम्पनी के एसई को पंद्रह हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा

मकड़ाई समाचार विदिशा। लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार की रात एक वेयरहाउस में ट्रांसफार्मर की चार्जिंग अनुमति देने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत ले रहे बिजली कम्पनी के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर सम्पूर्णानंद शुक्ला को लोकायुक्‍त भोपाल की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। शुक्ला विदिशा के होटल में रिश्वत ले रहे थे। लोकायुक्त इंस्पेक्टर रजनी तिवारी ने बताया कि गंज बासौदा निवासी जफर कुरैशी ने 14 मार्च को शिकायत की थी कि एसई शुक्ला वेयर हाउस निर्माण के लिए ट्रांसफार्मर चार्जिंग की अनुमति के लिए रिश्वत की मांग कर रहे है। कुरैशी ने रिश्वत मांगने के सबूत के तौर पर एक आडियो भी दिया। इसी आधार पर लोकायुक्त दल बुधवार की रात सांची रोड स्थित होटल के बाहर पहुंचा। जफर भी उनके साथ था। फोन पर शुक्ला से बात कर जफर होटल के गेट पर पहुंचा और उसने 15 हजार रुपये शुक्ला के हाथ मे दे दिए। शुक्ला ने पहले नोट अपनी जेब मे रखे और जब बगल में लोकायुक्त की टीम को खड़े देखा तो उन्होंने तत्काल यह नोट अपने बगल में खड़े ड्राइवर करन राजपूत को थमा दिए। इसी दौरान लोकायुक्त के दल ने दोनों को पकड़ लिया। इंस्पेक्टर रजनी के मुताबिक शुक्ला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।

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सात दिन से की जा रही थी रिश्‍वत की मांग
गंज बासौदा निवासी जफर कुरैशी ने बताया कि वे वेयर हाउस बना रहे है। उन्होंने वेयर हाउस में बिजली के लिए सारी वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर ली थी।। अब ट्रांसफार्मर से बिजली शुरू करने के लिए उन्हें अनुमति चाहिए थी लेकिन एसई शुक्ला बिना लेनदेन के अनुमति देने को तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि वे राजगढ़ में इस अनुमति के 30 हजार रुपये लेते थे। उनसे वे 15 हजार रुपये लेंगे। जब शुक्ला खुलेआम रिश्वत की मांग करने लगे तो उन्होंने दो दिन पहले लोकायुक्त एसपी से मिलकर लिखित शिकायत की। यहां से उन्हें एक ऑडियो रिकॉर्डर दिया गया। दूसरे दिन वे फिर शुक्ला के दफ्तर पहुंचे और रिश्वत की राशि कम करने का आग्रह किया, जिस पर वे तैयार नहीं हुए। यह बातचीत रिकार्ड कर उन्होंने लोकायुक्त को सौंपी। जिसके बाद लोकायुक्त ने दल बनाकर यह कार्रवाई की।
आठ दिन पहले संभाला था कार्यभार
मध्य क्षेत्र विधुत वितरण कम्पनी में सुपरिटेंडेंट इंजीनियर के रूप में शुक्ला ने आठ दिन पहले ही अंकुर सेठ से चार्ज लिया था। इसके पहले वे करीब आठ माह तक राजगढ़ रहे थे। वहां भी भाजपा के नेता इनकी कार्यप्रणाली से नाराज होकर मूख्यमंत्री से शिकायत कर चुके थे। मूलतः रीवा के रहने वाले शुक्ला लंबे समय तक कम्पनी के भोपाल मुख्यालय में पदस्‍थ रहे। शुक्ला तीन साल पहले विदिशा में भी छह माह उप महाप्रबंधक रह चुके है।