हरदा : CMHO कि तानाशाही का खुल रहा पिटारा, 68 वर्ष के बुजुर्ग का आरोप, CMHO ने की अभद्रता, कोविड कॉल में जरूरतमंद की मदद नही की इसलिए कई लोगों ने अपनों को खोया
मकड़ाई समाचार हरदा। शहर की रौनक बिहार कॉलोनी में रहने वाले 68 वर्षीय बुजुर्ग हरकिशन रान्वे ने आज एक शिकायती आवेदन जिलाधीश हरदा को देते हुए जिला अस्पताल के सीएमएचओ पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके कार्यकाल की निष्पक्ष जांच कर कार्यवाही की मांग की।
जिला कलेक्टर कार्यालय में एक शिकायती आवेदन देते हुए हरकिशन रान्वे ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में मेरी दो बेटी एक बेटा व बहू ग्रसित हुए। बेटी राजकुमारी पति राजेन्द्र पोखरनी 18/4/21 को सरकारी अस्पताल लेकर गया वेट के अभाव में उसी अस्पताल के पदस्थ डॉ. ओमप्रकाश खोरे का इलाज घर पर ही शुरू किया। इसी बीच दूसरी बेटी चन्द्रावती पति कैलाशचन्द्र खोदरे गहाल कोविड19 से संक्रमित हुई, इसी तरह उसका भी इलाज चला। 24/4/21 को मेरा बेटा कृष्णकान्त कोरोना पॉजिटिव हुआ। अत्यंत गम्भीर होने से उसे इंदौर रैफर किया। डॉ. ने तीनों को रेमडिसीवीर इंजेक्शन लिखे उस समय शासन के नियम अनुसार सरकारी अस्पताल में ही रेमडिसीवीर इंजेक्शन लगाने का प्रावधान था।
श्री रान्वे ने कहा कि मैने सीएमएचओ से इंजेक्शन के लिए गुहार लगाई। लेकिन उन्होंने मेरी मदद नही की उल्टे कहा आप गेट से बाहर चले जाइए। मुझे अपमानित किया गया।
मैंने अपनी याचना सपना लौवंशी स्वास्थ्य विभाग भोपाल से की उन्होंने मेरा दर्द समझकर CMHO को फोन किया की इनकी बेटियों के लिये दो वेट उपलब्ध कराए ओर इंजेक्शन भी दिलवाए। उसके बाद में डॉक्टर जैसानी के पास निवेदन करने गया लेकिन उन्होंने मेरी तकलीफ मेरा दर्द नही देखा और नही सुना। एक जिम्मेदार जिला अस्पताल के अधिकारी की लापरवाही के कारण मुझे बाजार से एक लाख 80 हजार रुपये की दर से रेमडीसीवीर इंजेक्शन ब्लेक में लेना पड़ा। मेरी मजबूरी थी परिवार को बचाना था।
श्री रान्वे ने कहा कि श्री KL कुशवाह द्वारा मुझे दो इंजेक्शन निशुल्क प्रदान किए गए। जिन्हें इन्दोर भेजा बेटियों के लिए में उनका आभारी रहूँगा।JMT हॉस्पिटल डॉ. अभिषेक गुर्जर द्वारा एक पत्र विजय केमिस्ट को लिखा गया वहा से भी मुझे इंजेक्शन प्राप्त नही हुए। श्री रान्वे ने कहा कि सीएमएचओ की लापरवाही हठधर्मिता के कारण कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है। जिला अस्पताल में डॉक्टर जैसानी द्वारा ब्लेक में रेमडीसीवीर इंजेक्शन बेचे है। ऐसे भृष्ट अधिकारी पर कार्यवाही होना चाहिए।

