अपने से 30 साल छोटी नाबालिग लड़की से शादी करना अधेड़ को पड़ा महंगा ,सुहागरात से ठीक पहले पुलिस ने की घेराबंदी
मकडाई समाचार जोधपुर | दुल्हे के परिचित रिश्तेदार लोग और मेहमान बीकानेर के पाचौडी गए और वहां पर गुपचुप शादी करा आए। पांच लाख रुपयों के लिए परिवार ने अपनी ही बेटी को बेच दिया। पंद्रह साल की बेटी की शादी उससे तीस साल बड़े आदमी से कराने जा पहुंचे।
दरअसल दो बहनें जिनमें एक की उम्र 18 साल से ज्यादा और दूसरी की उम्र करीब पंद्रह साल है। दोनो अपने मौसा और मौसी के पास जोधपुर में रह रही हैं। मौसा और मौसी ने बीकानेर के पाचौड़ी में रहने वाले किशन सिंह से बड़ी बेटी की शादी तय कर दी। 45 साल के किशन सिंह से इसके लिए 5 लाख रुपए लिए गए। लेकिन शादी से एन पहले बड़ी बहन ने शादी से इंकार कर दिया। ऐसे में परिवार ने छोटी को राजी कर लिया और उसकी शादी गुरुवार को किशन सिंह से करा दी।
नाबालिग की बड़ी बहन की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने
नाबालिग के पिता, दूल्हा और उसके दो परिजनों को हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से मामले को लेकर पूछताछ की जा रही है।
अब मामला थाने तक जा पहुंचा।अब तो पुलिस के अलावा बाल बाल आयोग भी एक्टिव हो गया है। मामले की जांच जोधपुर जिले की चाखू थाना पुलिस कर रही है। पुलिस ने बताया कि बजरासर गांव में रहने वाली पंद्रह साल की किशोरी की शादी करा दी गई और उसके बाद अब पुलिस ने एक्शन लिया है। जोधपुर जिले के अलावा बीकानेर जिले के कलेक्टर को भी इस माले में एक्शन लेने को कहा गया है।बड़ी बहन ने आरोप लगाया कि छोटी बहन की शादी की बात उसे पता चली तो उसने सबसे पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इसके बाद थाने जाकर शिकायत की, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। हालांकि, पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। नाबालिग के पिता, दूल्हा किशन सिंह, उसके परिजन इंद्र सिंह और मेघ सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। मामले की जानकारी बाल आयोग अध्यक्ष संगीता बेनीवाल को लगी तो उन्होंने कलेक्टर हिमांशु गुप्ता से कॉल कर बात की। बच्ची को आयोग के संरक्षण में लेकर, मामले की रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है।

