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अस्पताल में जिंदा इंसान को खा रहे कीड़े, मरीज को वार्ड में किया बंद

मकड़ाई समाचार बीना। सिविल अस्पताल में संवेदनहीनता की हदें पार करने वाला मामला सामने आया है। अस्पताल के जनरल वार्ड में असहाय वृद्ध के सड़े हुए हाथ से कीड़े निकालकर इलाज करना तो दूर, सड़े हुए अंग से दुर्गंध आने के कारण वार्ड का दरवाजा ही बंद कर दिया गया है। अब इस जिंदा इंसान को कीड़े खा रहे हैं। लगातार छह दिन से एक कमरे में कैद यह वृद्ध जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है। बावजूद इसके किसी को इस पर दया नहीं आ रही है।

सिविल अस्पताल के पुरुष वार्ड में बंद इस वृद्ध को 30 सितंबर को पुलिस के डायल 100 वाहन से सिविल अस्पताल लाया गया था। उसके हाथ में गहरा घाव था। मरहम, पट्टी करने के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट कर दिया। असहाय वृद्ध उसी दिन से एक कमरे में जमीन पर पड़ा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि नियमित रूप से ड्रेसिंग और इलाज न होने के कारण घाव में कीड़े पड़ गए हैं। अस्पताल के एक कर्मचारी ने बताया कि दो दिन पहले सफाई कर्मचारी ने उसके हाथ से कीड़े निकालर मरहम, पट्टी की थी। उस समय सफाई कर्मचारी ने बताया था कि हाथ इतना ज्यादा सड़ चुका है कि इसका यहां इलाज संभव नहीं है। हाथ में अंदर तक कीड़े पड़ गए हैं। सर्जरी करके ही कीड़ों को निकाला जा सकता है। बावजूद इसके उसे न तो सागर रेफर किया गया है और न ही नियमित रूप से ड्रेसिंग कर इलाज किया जा रहा, जिससे वह ठीक हो सके।

बदबू से बचने बंद किए दरवाजे

अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए पांच वार्ड हैं। एक कमरे में वृद्ध को भर्ती किया गया है। दूसरे वार्डों में सामान्य मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इन वार्डों में आतेजाते समय वृद्ध के सड़े हुए अंग की दुर्गंध आती है। इससे बचने के लिए स्टाफ ने दरवाजा बंद कर रखा है।

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अपनों ने भी बनाई दूरियां

अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि वृद्ध सुभाष वार्ड का रहने वाला है। बीना में उसके दो भाई भी रहते हैं, लेकिन वह कभी अपने भाई को देखने भी नहीं आए हैं। वृद्ध के परिजन से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन सुभाष वार्ड में कोई भी वृद्ध के घर का पता नहीं बता पाया।

वृद्ध का इलाज चल रहा है

अस्पताल में वृद्ध का इलाज चल रहा है। वह बात भी करने लगा है। वह अपनी मर्जी से लल्लू भाई चौराहे पर जाना चाहता है, जहां पर मांगते खाते उसका जीवन बीत रहा था। मेरा प्रयास है कि सारे कीड़े निकालकर उसे स्वस्थ्य स्थिति में ला दें। बदबू के कारण दरवाजा बंद करने की तो मुझे जानकारी नहीं है। मैं अभी अस्पताल में ही हूं। अभी उसकी फाइल देखता हूं, जो बेहतर हो सकेगा, वह करेंगे। – डॉ. संजीव अग्रवाल, प्रभारी, सिविल अस्पताल, बीना