jhankar
ब्रेकिंग
मकड़ाई समाचार की खबर का बड़ा असर: समोई गांव में एक महीने से बंद हैंडपंपों की मरम्मत शुरू हरदा में तीन दिन की नवजात बच्ची अस्पताल चौराहे पर बाथरूम के पास मिली खिरकिया में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिये महर्षि ज्ञानपीठ के हिमाक्ष राठौर का राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता के लिए चयन टिमरनी मंडी समिति की किसानों से अपील: अब उपज लेकर मंडी न आएं, 25 हजार क्विंटल की बंपर आवक से भरा मंड... जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री ने हंडिया शाखा नहर संभाग की नहरों का किया निरीक्षण मदिरा के अवैध विक्रय व संग्रहण के विरूद्ध नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में 9 प्रकरण दर्ज विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2027 के लिए राजनीतिक दलों की बैठक संपन्न कलेक्टर ने कलेक्ट्रेट की शाखाओं का किया औचक निरीक्षण आज कैसा रहेगा मप्र का मौसम 

खिरकिया : गोल्ड लोन के नाम पर गिरवी रखे आभूषण देने में आनाकानी कर रहा कंपनी का कर्मचारी कारण पूछने पर खुद को बताता है पत्रकार

मकड़ाई समाचार खिरकिया। गोल्ड लोन देने के नाम पर कंपनी के सेल्समेनो द्वारा ग्रामीणो को लालच देकर गोल्ड लोन दे दिया जाता है, लेकिन लोन भरने के बाद जब आभूषण वापस मांगे जाते है, तो उन्हे बैंको के चक्कर लगाए जा रहे है, ना ही उनसे संतोषपूर्वक बात कही जाती है। ग्राम छीपाबड़ के भागवत सांवले द्वारा आईआईएफएल फायनेंस कंपनी में गोल्ड लोन अकाउंट नंबर जीएल17137359 खुलवाकर अपने घर के आभूषण चेन, लाकेट, नेकलेस, अंगूठी व अन्य आभूषण गिरवी रखे गए थे। जिसके एवज में कंपनी द्वारा उन्हे 2 लाख 28 हजार रूपए का लोन दिया गया। जिसके बाद भागवत सांवले द्वारा लोन की रकम चुकाने के लिए राषि साथ में लेकर कंपनी के कर्मचारी के पास जाते है, तो कर्मचारी द्वारा 3 दिनो से रोजाना घुमाया जा रहा है। कंपनी के कर्मचारा अजय उपाध्याय द्वारा उन्हे आज आना कल आना, साफ्टवेयर नही चल रहा है, जैसी बाते कही जा रही है, लेकिन उन्हे आभूषण नही दिए जा रहे है। संबंधित का आभूषण का जरूरी कार्य है, लेकिन सेल्समेन द्वारा आभूषण दिए जाने मे आनाकानी की जा रही है। जिसके चलते अपने आभूषण केा लेकर चिंतित है। उक्त व्यक्ति कंपनी में रकम जमा करना, वापस करने आदि का कार्य करता है।

- Install Android App -

सेल्समेन ने खुद केा बताया पत्रकार, कहा – उंगली मत करो

अब निजी कंपनी में कार्य करने वाले कर्मचारी सेल्समेन के साथ साथ पत्रकार भी बन गए है। मामले की सच्चाई जानने के लिए कर्मचारी को अजय उपाध्याय को फोन लगाया गया तो पहले तो उनके द्वारा कहा गया कि साफ्टवेयर नही चल रहा है। जब उनसे सवाल पूछा गया कि अचानक उसके द्वारा कहा गया कि मैं दैनिक भास्कर का पत्रकार हूं। 10 सालो से पत्रकारिता कर रहा हूं। उनका मामला है, उंगली मत करो। जब जोर दिया गया कि उससे कोई लेना देना नही, आभूषण कब वापस करेंगे तो कहा गया कि मेरे बारे में किसी से भी पूछ लेना हरदा खिरकिया में, मैं पत्रकार हूं। हम एक जात वाले है, जबरदस्ती उंगली मत करो। इसके बाद वह झिझक गया और तैष में बाते करने लगा एवं फोन काट दिया। मामले में जब सच्चाई जानने के लिए दैनिक भास्कर के कार्यालय फोन किया गया तो उन्होने इस नाम का कोई भी पत्रकार नही होने की बात कही। ऐसे में सेल्समेन फर्जी पत्रकार बनकर लोगो को धौंस धमकियां दी जा रही है। इस मामले में राजेन्द्र मीणा ने छीपाबड़ थाने में शिकायत की गई।