jhankar
ब्रेकिंग
अल-कायदा की नई धमकी अमेरिकी और इजरायली विमानों पर 9/11 जैसे हमले की अपील, फ्लाईदुबई घटना की तारीफ क... कवरेज से लौट रहे पत्रकार संतोष चंदेल सड़क हादसे में घायल किसानों के खेत से मोटर के स्टार्टर और केबल चोरी, चार किसानों ने थाने में दिया आवेदन,अज्ञात चोरों पर ... सेवा सेतु अभियान के तहत ग्राम सतवासा में लगा ग्रामीण शिविर नवरात्रि से पहले सलकनपुर पैदल मार्ग का पत्रकारों ने किया निरीक्षण देवास जिले का लाल 21 साल देश सेवा कर लौटा, मां ने आरती उतारी तो छलक पड़े खुशी के आंसू; हरदा में हुआ ... हंडिया : घर को मंदिर बनाने के लिए प्रेम, विश्वास और सम्मान जरूरी,,,,,, सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य आमजन को योजनाओं और सेवाओं का समय पर लाभ पहुंचाना - केंद्रीय राज्य मंत... रांची में होटलों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई में 14 लोग गिरफ्तार,एसएसपी के निर्देश पर नाइट रेड राजस्थान पंचायत चुनाव 2026 :  चुनाव में भड़काऊ प्रचार पर प्रशासन सख्त, सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नज...

खुशियों की दास्तां- आये थे तलाक लेने, लेकिन हँसी खुशी साथ घर गये

हरदा / मामूली से पारिवारिक विवाद के कारण घर में तनाव रहने लगा। कुछ दिन तनाव में रहने के बाद दम्पत्ति ने तलाक लेने का निर्णय लिया। पति पत्नी दोनों जब गुरूवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय हरदा में आये और उन्हें वहाँ प्राधिकरण के सचिव  प्रदीप राठौर ने काफी देर तक समझाया तथा दोनों के परिवारजनों से भी मोबाईल फोन से चर्चा की, तो पति पत्नी साथ रहने को सहमत हो गये।
हरदा निवासी इस दम्पत्ति का विवाह 15 जून 2020 को हिन्दू रीती-रिवाज के अनुसार सम्पन्न हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद से ही दोनों के बीच मतभेद उत्पन्न होने लगे क्योंकि पत्नि शासकीय सेवा में थी तथा विवाह से पूर्व दोनों के बीच यह तय हुआ था कि पत्नि अपना स्थानांतरण पति के गृह जिले में करवा लेंगी किंतु पत्नि ने ससुराल में स्थानांतरण कराने से मना कर दिया। इसी कारण दोनों आपसी सहमती से तलाक लेना चाहते थे। लोक अदालत के आयोजन की जानकारी मिलने पर पति न्यायालय से तलाक की डिग्री लेने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आये थे। उनके पास आपसी सहमती से विवाह विच्छेद का अनुबंध भी था। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा उसकी पत्नि को भी बुलवाया गया। प्रकरण के अंतर्गत आपसी चर्चा समझौता एवं सचिव द्वारा समझाईश के उपरांत उभयपक्ष साथ रहने के लिये तैयार हो गये। उभयपक्ष के मध्य समझौता हुआ कि दोनो के परिवार वाले उनके घरेलू मामलें में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, दोनों एक दूसरे का ध्यान रखेगें तथा दोनो सालभर तक बिना किसी विवाद के अच्छे से रहेंगे तो पत्नि अपना स्थानांतरण ससुराल में करवा लेगी और दोनो साथ में रहेंगे।