jhankar
ब्रेकिंग
हंडिया बस स्टैंड पर अतिक्रमण का नया मामला: दुकान के सामने टप, जमघट और गांजा पीने के आरोप! हरदा में पंचायत उप-निर्वाचन 2026 के लिए खिरकिया विकासखण्ड के 4 मतदान केंद्रों के भवनों में किया बदला... हरदा में IFMIS की तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए हर गुरुवार लगेगा हेल्पडेस्क शिविर आज का सुविचार जीवन में सबसे बड़ी जीत किसी और को हराना नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों पर जीत पाना है। आज 18 सितंबर 2026 - मध्य प्रदेश का मौसम अपडेट दिल्ली में 17 साल की नाबालिग की हत्या, दुष्कर्म का मामला दर्ज; पुलिस ने 4 आरोपियों को पकड़ा सनकी प्रेमी ने प्रेमिका के घर फेंका पेट्रोल बम, शादी तय होने से था नाराज हरदा जिले की खास खबरे विश्वकर्मा पूजन दिवस पर गूंजे जयकारे, हरदा में निकली भव्य शोभायात्रा भोपाल में पुलिसकर्मियों पर हमला, नशे में धुत्त तीन बदमाशों ने बीच सड़क की मारपीट

चुनावी व्ययस्ताओं के बीच गुजरात में किसान के खेत में पहुंचे कृषि मंत्री कमल पटेल

पीएम मोदी के गुजरात में हो रही प्राकृतिक खेती का किया मौका मुआयना

कृषि मंत्री कमल पटेल की अपील से प्रेरित होकर गुजरात के किसान ने लिया प्राकृतिक खेती करने का संकल्प

- Install Android App -

मकड़ाई समाचार भोपाल। (नर्मदा जिला) गुजरात। खेती किसानी के प्रति मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री एवं किसान नेता कमल पटेल का लगाव मध्यप्रदेश ही नहीं मध्यप्रदेश के बाहर भी देखने को मिलता है। पटेल इन दिनों गुजरात में है और वहा पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर कारपेट बोम्बिंग मिशन के तहत गुजरात विधानसभा के चुनावो में चुनावी मोर्चा संभाले हुए हैं।

चुनावी व्ययस्ताओ के बीच उनके अंदर का किसान एक अनुभवी विशेषज्ञ के रूप में दिख ही जाता है। गुजरात के नर्मदा जिले के चुनाव प्रचार के दौरान मंत्री पटेल किसान सिंगा भाई भगत के खेत में अपनी चिर परिचित शैली में फसलों का जायजा लेने अचानक पहुंच गए। कृषि मंत्री कमल पटेल ने खेत में पहुंचकर खेत में लगी सब्जी- भाजी की फसलों का जायजा लिया।अपने हाथों से बरबटी को तोड़ा और बरबटी का स्वाद चखा। मंत्री पटेल ने किसान सिंगा भाई भगत को प्राकृतिक फसल करने के लिए बधाई दी।किसान सिंगा भाई भगत ने मंत्री पटेल से चर्चा करते हुए बताया कि मैंने चैनलों पर आप की खबरें देखी हैं।जिसमें आप मध्यप्रदेश में प्राकृतिक खेती को लेकर किसानों के बीच अभियान छेड़े हुए है। आप मेरे खेत में आए मुझे अच्छा लगा। आपका कहना सही है कि रसायनिक उर्वरकों की वजह से खेती किसानी में खेत की मिट्टी का क्षरण हो रहा है। वही रसायनिक उर्वरकों के अत्याधिक उपयोग से व्यक्ति कई गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहा है।इसलिए मैंने अपने खेतों में प्राकृतिक खेती करने का संकल्प लिया है। हमारे यहां गायों को पालकर उनके गोबरऔर गोमूत्र से ही खाद बनाया जाता है और खेतों में डाला जाता है।किसान भाई ने देश में प्राकृतिक खेती को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के द्वारा उठाए जा रहे कदमों की तारीफ करते हुए कहा कि मोदी चाहते हैं कि हमारे देश का किसान कृषि क्षेत्र में समृद्धशाली हो और खेती किसानी लाभ का धंधा बने।