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ज्ञानवापी मस्जिद मामले में उच्च न्यायालय ने मस्जिद कमेटी की याचिका खारिज की

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 इलाहाबाद | उच्च न्यायालय ने आज अहम और बड़ा आदेश दिया है। इसके अनुसार वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के भीतर पूजा के अधिकार की मांग को लेकर वाराणसी की अदालत में दायर पांच हिंदू महिला उपासकों के मुकदमे की विचारणीयता को चुनौती देने वाली मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज कर दी।

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व कर रहे विष्णु शंकर जैन ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक फैसला है। कोर्ट ने साफ कहा है कि अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की याचिका पोषणीय नहीं है और इसे खारिज कर दिया।

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय में हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील हरि शंकर जैन ने पांच महिला उपासकों द्वारा दायर मुकदमे की स्थिरता को बरकरार रखा है। वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पूजा करने का अधिकार मांग रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वह दिन दूर नहीं है जब हम वहां एक भव्य शिव मंदिर का निर्माण करेंगे और वर्तमान ढांचे को हटा दिया जाएगा।

हिंदू पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा है कि यह हिंदू पक्ष की बड़ी जीत है। हम अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति द्वारा दायर आदेश 7 नियम सीपीसी याचिका को खारिज करने के अदालत के फैसले का स्वागत करते हैं, जिसमें ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर पूजा करने के अधिकार की मांग करने वाली पांच हिंदू महिला उपासकों के मुकदमे की स्थिरता को चुनौती दी गई थी।