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थारा फूफा अभी जिंदा है (102 साल), वृद्धा पेंशन को चालू कराने बाजे गाजे के साथ बारात लेकर पहुंचा बुजुर्ग

मकड़ाई समाचार हरियाणा| अपनी वृद्धा पेंशन को चालू कराने के लिए बार बार आफिस के चक्कर लगाकर परेशान हुए बुजुर्ग ने उठाया अनूठा कदम। वृद्धा पेंशन को चालू कराने के लिए हरियाणा के एक बुजुर्ग ने कुछ ऐसा किया जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। बुजुर्ग की तस्वीरें सोशल मीडिया पर जमकर शेयर की जा रही है। दरअसल बुजुर्ग को मृत बताकर उनकी पेंशन रोक दी गई थी। अपनी पेंशन को चालू करवाने के लिए वो काफी समय से अधिकारियों का चक्कर काट रहे थे। लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया जा रहा था।

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थारा फूफा अभी जिंदा है

उन्होंने गाजे-बाजे के साथ बारात निकालकर अधिकारी के पास जीवन प्रमाणीकरण करने पहुंचे। इस दौरान बुजुर्ग एक रथ पर बैठे थे, उनके हाथ में एक पोस्टर था- जिसपर लिखा था कि थारा फूफा अभी जिंदा है। बुजुर्ग की यह तस्वीर और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। यह दिलचस्प मामला हरियाणा के रोहतक से सामने आया है| बताया गया कि रोहतक के गांधरा गांव निवासी 102 वर्षीय दुलीचंद को मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई थी। पेंशन को चालू कराने के लिए दुलीचंद पिछले 6 महीने से विभाग का चक्कर काट रहे थे। लेकिन उनकी मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों को नींद से जगाने का एक ऐसा तरीका निकाला जो सोशल मीडिया पर छा गया है।जानकारी के अनुसार अधिकारी दुलीचंद से उनके जिंदा होने का सबूत मांग रहे थे। इससे परेशान होकर बुजुर्ग दूल्हे की तरह सज-धज कर गाजे-बाजे के साथ अधिकारियों के दफ्तर पहुंच गए। इस दौरान उनके हाथ में एक बड़ा सा बोर्ड भी था जिसपर लिखा था, ‘थारा फूफा अभी जिंदा है (102 साल)’। अब दुलीचंद की इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर किया जा रहा है।दुलीचंद ने बताया कि मेरी अंतिम पेंशन 2 मार्च को आई थी। इसके बाद समाज कल्याण विभाग ने मुझे मृत बताकर मेरी पेंशन बंद कर दी। मैंने पेंशन दोबारा से चालू कराने के लिए कई दिनों तक कार्यालय के चक्कर लगाए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। दफ्तर के लोग बस इधर से उधर भेजे जा रहे थे। वो कहते थे पहले अपने जिंदा होने का सबूत लेकर आओ तभी पेंशन दोबारा से चालू होगी। ऐसे में अब गाजे-बाजे के साथ खुद के जिंदा होने का प्रणाण देने पहुंच गया।