बिलासपुर। Bilaspur Flower Teaचाय के साथ सुबह की शुरुआत मतलब पूरा दिन उमंग और ताजगी। राज्य में दूध से लेकर हर्बल और लेमन टी के शौकीन सबसे अधिक हैं। लेकिन, शहर का एक युवक फूलों की चाय से सबको आकर्षित कर रहा है। जी हां, उसका नाम है प्रदीप छत्तीसगढ़िया, जिसके चाय के दीवाने न्यायधानी से देश की राजधानी दिल्ली तक है।
तोरवा निवासी साधराम साहू के पुत्र और होटल मैनेजमेंट के स्टूडेंट यज्ञवल साहू जिनका निक नेम प्रदीप है। प्रदीप को 50 से अधिक प्रकार के चाय बनाने का अनुभव है। लेकिन, फूलों की चाय बनाकर उसे पिलाने में सबसे अधिक खुशी मिलती है। उनका कहना है कि गुलाब, जास्मीन, गुड़हल, चमेली के फूलों से चाय बना सकते हैं।
उसकी खासियत यह है कि पीने में जितना आनंद आता है उतना ही यह सेहत के लिए भी फायदेमंद है। वजन नियंत्रित करने से लेकर लड़कियों को छरहरी काया देने में सक्षम है। गुड़हल के फूलों में एंटी ऑक्सीडेंट हमारे शरीर में मेटाबॉजित्म प्रक्रिया में सुधार करता है।
गुलाब की चाय की महक सुबह को रंगीन बना देती है। चमेली की चाय शरीर के विषैले तत्वों को बाहर करती है। दूध की चाय को लेकर प्रदीप अक्सर परहेज करते हैं। कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्टूडेंट के बीच अच्छा खासा क्रेज है। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान प्रदीप की चाय के प्राध्यापक भी कायल हो गए थे। इसलिए अब सभी प्रदीप छत्तीसगढ़िया पुकारते हैं।
फलों की चाय भी है खास
प्रदीप ने कहा कि वे फूलों के अलावा फलों से भी चाय बनाकर अपने घर वालों, दोस्तों और पड़ोसियों को पिला चुके हैं। वह केला, सेब, चीकू, अनानास व नाशपाती के फल से चाय बना सकते हैं। इसके अलावा चॉकलेट फ्लेवर, कोको फ्लेवर सहित अन्य कई प्रकार की चाय भी बना लेते हैं। प्रदीप के इसी हुनर को देखते हुए शहर के कई बडे होटलों ने उन्हें मौका दिया। एक सेफ के तौर पर शहरवासियों को चाय का चस्का लगा चुका है।

