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बिना आंधी-बारिश के गिरा पेड़, नीचे खड़े होकर बातें कर रहे एक दोस्त की मौत, एक घायल

मकड़ाई समाचार नरसिंहपुर/गोटेगांव। बरसात के मौसम में पेड़ों के नीचे खड़े रहना आपको खतरनाक साबित हो सकता है। बुधवार की सुबह गोटेगांव में पुराने बस स्टैंड के पास हुई एक घटना से यह सबक लिया जा सकता है। जिसमें बिना किसी आंधी-बारिश के जब स्टेट हाइवे पर एक विशालकाय पेड़ गिरा तो उसके नीचे खड़े होकर बातों में मशगूल एक दोस्त की डालियों में दबने से मौत हो गई। जबकि दूसरे के ऊपर छोटी डालियां गिरी तो वह भी जख्मी हो गया लेकिन जान बच गई। घटना सुबह 6 बजे की बताई जा रही है जिसमें जेसीबी की मदद से पेड़ की डालियां हटाने के बाद मृतक और उसकी स्कूटी को निकाला गया। पेड़ गिरने के कारण विद्युत लाइन भी टूटी।

घटना में बताया जाता है कि गोटेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम हिनौतिया निवासी साहब सिंह पिता कैलाश सिंह भिंडवार 36 गोटेगांव से लगे ग्राम छिंदौरी में रहता था जो मजदूरी का कार्य करता था।

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बुधवार की सुबह जब साहब सिंह अपनी स्कूटी लेकर स्टेट हाइवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल लेने जा रहा था उसी दौरान फूल तोड़ने के लिए निकले हिनौतिया के ही महेंद्र पटेल मिल गया। महेंद्र भी साहब सिंह के साथ मजदूरी का कार्य करता था और दोनों में मित्रता थी जिससे दोनों कोहा के पेड़ के नीचे खड़े होकर बाते करने लगे। इसी दौरान बिना किसी आंधी-बारिश के और कोई आहट किए विशालकाय पेड़ दोनों के ऊपर गिर गया। जिससे पेड़ की मोटी डाली गिरने से साहब सिंह और उसकी स्कूटी नीचे दब गई साथ ही महेंद्र भी पेड़ की डालियां गिरने के कारण जख्मी हो गया। जिसने खुद को डालियों के नीचे से निकाला और पुलिस सहित नगर पालिका को सूचना दी, डायल 100 को बुलाया।

घटना के करीब डेढ़-दो घंटे बाद जब डायल 100 पहुंची तो फिर जेसीबी बुलाकर पेड़ की डालियां हटाकर साहब सिंह के शव और उसकी स्कूटी को निकाला गया। घायल महेंद्र को भी उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया जहां उसकी मरहम-पट्टी हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेट हाइवे पर कई पेड़ जोखिम की वजह बने है, आंधी-बारिश के दौरान पेड़ गिरने से हर वर्ष बरसात के सीजन में रास्ता जाम होने की समस्या रहती है लेकिन इन पेड़ों को हटाने कोई कार्रवाई नहीं की जाती।