नंद घर आनंद भयो,जय कन्हैया लाल की, के जयघोष से गूंजी धार्मिक नगरी
मकड़ाई समाचार हंडिया। नंद घर आनंद भयो जय हो नन्द लाल की,,,,, की सुरीली स्वर लहरियों एवं श्री राधा -कृष्ण के गूंजते जयकारे की ध्वनियों के बीच सोमवार मध्य रात्रि के 12:00 बजे क्षेत्र के तमाम मंदिरों में घंटे घड़ियाल बजने लगे, उपस्थित भक्तों का उत्साह अपने चरम पर पहुंच गया और बाल मंडली सुरीले गीतों की धुनों पर थिरकने लगी जी हां लगभग यही हाल रहा नर्मदांचल क्षेत्र के सभी मंदिरों का,,,, जहां श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर भव्य और मनमोहक सजावट की गई थी।
सुबह से ही मंदिरों की साफ-सफाई कर सजाया जाने लगा था। इस दौरान रात्रि के मध्य में घड़ी की सुईयों ने जैसे ही बारह बजने का ईशारा किया, मंदिरों के घंटे -घड़ियाल बजने लगे और माता देवकी और वसुदेव के आठवें पुत्र के रूप में तारणहार सर्वेश्वर श्री कृष्ण का जन्म हुआ।इस अवसर पर क्षेत्र के सभी मंदिरों पर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया।
बच्चों में इस पर्व को ले ज्यादा ही उत्साह देखने को मिला।हालांकि कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए मंदिरों में भी भीड़ कम देखने को मिली। नगर से लेकर गांव तक कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर उत्साह का माहौल रहा।श्रीकृष्ण भगवान का जन्मोत्सव मनाने के लिए महिलाओं व बड़े-बुजुर्गो के साथ कई छोटे बच्चों ने भी व्रत रखकर भगवान की अराधना की। पूजन सामग्री, वस्त्र और लड्डू गोपाल की मूर्तियां भी घरों में सजाई गई थीं।
हंडिया में नर्मदा मंदिर परिसर में स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर पुराना थाना परिसर स्थित मंदिर पर भक्तों का उल्लास देखते बन रहा था,जन्म के ठीक बाद प्रसाद वितरण हुआ।जिसमें भक्तों को माखन मिश्री सहित पंजीरी के विशेष प्रसाद का वितरण किया गया।
राधा-कृष्ण बने बच्चों ने लोगों का मोहा मन
सिर पर मुकुट, मोर का पंख, मूंह में माखन और हाथ में बांसुरी के साथ श्री कृष्ण बने बच्चे सबका मन मोह ले रहे थे। कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व नन्हे-मुन्ने बच्चों के लिए खास उत्सव व उत्साह का दिन रहता है। राधा और कृष्ण के परिधान से सुसज्जित होकर बच्चों की खुशी देखते ही बनती है। कई जगहों बच्चे-बच्चियों ने राधा कृष्ण का परिधान धारण किया।

