jhankar
ब्रेकिंग
चेक बाउंस के मामलों में फरार दो अभियुक्त गिरफ्तार, सजा भुगतने के लिए जेल भेजे कांजी हाउस में गौवंश की बदहाल स्थिति को लेकर बजरंग दल ने किया नगर परिषद कार्यालय का घेराव भारतीय किसान संघ की जिला बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर विभागीय अधिकारियों से चर्चा अनंत चतुर्दशी पर हरदा में बदलेगी यातायात व्यवस्था, इन मार्गों से होगा वाहनों का डायवर्जन हंडिया : आस्था के द्वार पर गंदगी का अंबार, खेड़ापति मंदिर के सामने व्यवस्था बेअसर,,, खुशियों की दास्तां प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से चमका पलाश का भविष्य खाद्य सुरक्षा विभाग ने रहटगांव और हरदा में लिये खाद्य पदार्थों के नमूने उल्लासः एक अभिनव प्रयोग” के तहत ए.डी.आर. सेन्टर हरदा में द्वितीय वृहद् स्वास्थ्य परीक्षण शिविर 26 सि... हरदा के 23 हजार 437 उपभोक्ताओं को अगस्त माह में 20 लाख 92 हजार की छूट शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023, महिला स्वावलम्बन और महिलाओं की भूमिका को प्रोत्साहित करने का अभिनव कदम

मकड़ाई समाचार हरदा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पहल पर शुरू हुई मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना- 2023 राज्य सरकार का अभिनव कदम है। मंत्रि-परिषद ने शनिवार को इस योजना को मंजूरी दी है। मंत्रि-परिषद की बैठक में योजना के संबंध में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती दीपाली रस्तोगी ने प्रेजेंटेशन दिया।

योजना का उद्देश्य
प्रदेश में महिलाओं के स्वावलम्बन और उनके आश्रित बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर में सतत सुधार को बनाए रखने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और परिवार के स्तर पर निर्णय लिए जाने में महिलाओं की प्रभावी भूमिका को प्रोत्साहित करना इस योजना का प्रमुख उद्देश्य है।

- Install Android App -

योजना के लिए पात्रता
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना -2023 का लाभ लेने के लिए महिला का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना और आवेदन किए जाने के कैलेण्डर वर्ष में एक जनवरी की स्थिति में 23 वर्ष की आयु पूर्ण करना एवं 60 वर्ष से कम आयु का होना आवश्यक है। विवाहित महिलाओं के अलावा विधवा, तलाक शुदा एवं परित्यक्ता महिला भी योजना के लिए पात्र होगी। योजना में ऐसी महिलाएँ अ+पात्र होंगी, जिनके परिवार की सम्मिलित रूप से स्व-घोषित सालाना आमदनी ढाई लाख रूपये से अधिक है, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य आयकर दाता है, जिनके परिवार का कोई भी सदस्य केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार के सरकारी विभाग, उपक्रम, मंडल, स्थानीय निकाय में नियमित या स्थाई कर्मी या संविदा कर्मी के रूप में नियोजित है तथा सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्राप्त कर रहा है। ऐसी महिलाएँ भी अपात्र होंगी जो स्वयं केन्द्र सरकार या राज्य सरकार की किसी योजना में प्रतिमाह एक हजार रूपये या उससे अधिक की राशि प्राप्त कर रही हैं, जिनके परिवार का कोई सदस्य वर्तमान अथवा भूतपूर्व सांसद अथवा विधायक है। ऐसे परिवार जिनका कोई सदस्य केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा मनोनीत बोर्ड, निगम, मंडल, उपक्रम का अध्यक्ष, संचालक अथवा सदस्य है, वे महिलाएँ भी अपात्र होंगी। योजना में ऐसी महिलाएं भी अपात्र होंगी जिनके परिवार का कोई सदस्य स्थानीय निकायों में निर्वाचित जन-प्रतिनिधि (उप सरपंच को छोड़ कर) है। इसी तरह जिनके परिवारों के सदस्यों के पास संयुक्त रूप से कुल पाँच एकड़ से अधिक भूमि है या परिवार के सदस्यों के नाम से पंजीकृत चार पहिया वाहन (ट्रेक्टर सहित) हैं, वे भी अपात्र होंगी।

आवेदन की प्रक्रिया
योजना के लिए प्रपत्र, ग्राम पंचायत, वार्ड कार्यालय अथवा शिविर स्थल पर उपलब्ध होंगे। महिला को स्वयं उपस्थित होना होगा। महिला का फोटो खींचने का कार्य और समग्र में आधार ई-केवाईसी की जाएगी। फार्म में उपलब्ध जानकारी स्थल पर पोर्टल अथवा एप में डाटा एंट्री की जाएगी। आधार लिंक बैंक एकाउंट का सत्यापन किया जाएगा। आवेदन के सफलतापूर्वक दर्ज होने पर आवेदक को पावती मिलेगी, जिस पर आवेदन क्रमांक भी दर्ज होगा। योजना में राशि का भुगतान जून माह से प्रारंभ होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग ने शिविर से पहले किओस्क जाकर समग्र में आधार ई-केवाईसी करवाने का परामर्श दिया है, जो निरूशुल्क रूप से होता है। महिला का यदि स्वयं के नाम से स्वतंत्र बैंक एकाउंट नहीं है तो उसे बैंक जाकर खाता खुलवाना होगा और संबंधित बैंक के किओस्क पर जाकर अपना बैंक एकाउंट आधार से लिंक करवाना होगा।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना-2023 पोर्टल पर अनंतिम सूची का प्रकाशन करने के साथ ही ग्राम पंचायत अथवा वार्ड कार्यालय के सूचना पटल पर इसे प्रदर्शित किया जाएगा। आपत्ति निराकरण प्रक्रिया में ऑनलाइन अथवा लिखित एवं सीएम हेल्पलाइन (181) द्वारा आपत्ति स्वीकार करने का प्रावधान है। ग्रामीण क्षेत्र, नगर परिषद, नगर पालिका और नगर निगम क्षेत्र की आपत्तियों के निराकरण के लिए समितियाँ कार्य करेंगी। अंतिम सूची का प्रकाशन भी पोर्टल अथवा एप के साथ ही ग्राम पंचायत व वार्ड कार्यालय पर प्रदर्शित किया जाएगा।