jhankar
ब्रेकिंग
लापरवाही अनदेखी: एंबुलेंस नहीं पहुंची तो निजी वाहन से अस्पताल लाई गई प्रसूता, गेट पर बिगड़ी तबीयत कुड़मी जाति को केंद्रीय पिछड़ा वर्ग सूची में शामिल करने की मांग, आयोग को भेजा ज्ञापन 25 सितंबर से प्रदेश में शुरू हो जाएगी “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” अंतर्गत इंटरसिटी व इंट्रासिटी ब... खुशियों की दास्तां : प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना से बदली खेती की राह हरदा में होगी राज्य स्तरीय शालेय कबड्डी प्रतियोगिता पिछले 24 घंटों में जिले में 7.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज अंतर्राष्ट्रीय सांकेतिक भाषा दिवस पर विशेष कार्यक्रम सम्पन्न बधिर व्यक्तियों के अंतर्राष्ट्रीय सप्ताह के तहत विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वड़नगर से वाराणसी जा रहे सेवा संकल्प बाइक राइडर्स से किया वर्चुअली संवा... मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत ग्राम कायदा में प्रस्तावित शिविर स्थगित

रात में पत्नी ने पति और दो बेटों को उतारा मौत के घाट, पुलिस को फोनकर कहा- तीनों को मार डाला

महिला ने खुद पुलिस को फोनकर बताया कि तीनों को मार डाला

Crime News : गोरखपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। सहजनवा थाना क्षेत्र के सहबाजगंज में शनिवार रात करीब डेढ़ बजे एक महिला ने अपने पति और दो सौतेले बेटों की गला रेतकर हत्या कर दी। महिला ने खुद पुलिस को फोनकर बताया कि तीनों को मार डाला।

- Install Android App -

पुलिस ने आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयोग किया गया चाकू भी पुलिस ने बरामद कर लिया है। चर्चा है कि महिला ने अवैध संबंध के चलते हत्या की है। सहजनवा नगर पंचायत के वार्ड नं पांच सहबाजगंज निवासी 40 वर्षीय अवधेश गुप्ता पुत्र मेल्हू गुप्ता ने पहली पत्नी की मृत्यु के बाद दूसरी शादी की है। पहली पत्नी से उसके दो पुत्र आर्यन व पीहू उर्फ आरो थे। करीब आठ माह पहले संतकबीर नगर जिले के धनघटा थाना क्षेत्र के मझगांवा निवासी नीलम से उसकी दूसरी शादी हुई थी।

आरोपित नीलम की भी दूसरी शादी थी। पहली शादी से उसे एक पुत्री है। शादी होने के बाद नीलम अपनी पुत्री के साथ अवधेश के घर आ गई और पति व सौतेले बेटों के साथ रहने लगी। शनिवार की रात महिला ने खुद डायल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना देते हुए बताया कि कुछ लोग घर पर उसके पति और बेटों के साथ मारपीट कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब महिला के बताए कमरे को खोला तो अवधेश और उसके दोनों पुत्र आर्यन और आरो खून से लथपथ बिस्तर पर पड़े हुए तड़प रहे थे। पुलिस तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर गई, जहां अवधेश को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। वहीं घायल बच्चों ने मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।