विश्व का पहला पिता जिसने अपने बच्चो के विद्यालय चुनने शिक्षा जगत को 10 करोड़ से चैलेंज कर अपने बालक बालिकाओ के लिए स्कूल नही गुरुकुल चुना
विश्व की शिक्षा जगत का घमंड उतारा तथा गुरुकुल को संसार का सर्वश्रेष्ठ विद्यालय सिद्ध किया
राजगढ :- पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के युवा भारत जिला प्रभारी संतराम आर्य ने अपने बालक बालिकाओं के लिए विद्यालय ढूंढने हेतू,विश्व की शिक्षा व्यवस्था को धर्म संकट में डालते हुऐ 10 करोड़ का इनाम रखते पांच प्रश्न विज्ञान के पूछे थे, तथा कहा गया था जो उत्तर देगा उसको 10 करोड़ के ईनाम व अपने बालक वेदांत गुर्जर बालिका वेदिका को उनकी शिक्षण संस्थान में पढ़ाया जाएगा उक्त चुनौती सार्वजनिक की थी । परंतु दुर्भाग्य से आज तक कोई शिक्षा संस्थान ने उत्तर देने की हिम्मत नहीं जुटाई। आज हर कोई पालक बड़ा महंगा व अच्छा विद्यालय अपने बच्चों के लिए चुनना चाहता है परंतु संतराम आर्य ने शिक्षा जगत आधुनिक विज्ञान को मौन रहने पर मजबूर किया इसलिए सिद्ध होता है कि प्राचीन गुरुकुल शिक्षा विद्या ही सर्वश्रेष्ठ हैं जिसका कोई जवाब आज संसार की शिक्षा नही देती ना बराबरी कर पाती । इसका मतलब यह निकलता की आर्य समाज के आर्ष मतलब वैज्ञानिक गुरुकुल का आज भी संसार में कोई मुकाबला जवाब नहीं है इसलिए बेटी वेदिका को शाजापुर के मोहन बडोदिया आर्ष कन्या गुरुकुल में तथा नर्मदापुर गुरुकुल में बालक वेदांत को रखा और संसार वासियों को यह संदेश दिया कि गुरुकुल से बड़ा संसार में कोई विद्यालय नहीं है अगर होता तो हमारे सवाल का जवाब देता और हम से 10 करोड़ इनाम लेता।

