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सिवनीमालवा के सरकारी अस्पताल में 2 माह से एंबुलेंस की सुविधा से वंचित गंभीर मरीज

के के यदुवंशी मकड़ाई समाचार

सिवनी मालवा। करोड़ों की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए सुविधा मिलना आसान नहीं है। शहर के जनप्रतिनिधि की उदासीनता के चलते मरीजों को सुविधा नहीं मिल रही है गंभीर मरीज को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर करने के लिए 2 माह से एंबुलेंस सुविधा नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कांति भास्कर ने बताया कि भोपाल से ही 108 , एंबुलेंस 6 माह से शहर में भोपाल के सिस्टम से ही बंद है, वही नगर पालिका से दी गई एंबुलेंस भी 1 साल से बंद है। विधायक के द्वारा दी गई एंबुलेंस भी बंद पड़ी है। जिससे कारण गरीब परिवार के लोगो को रिफर करने के बाद प्राइवेट वाहन देखना पड़ता है कई बार मरीज 108 को लगा देते हैं जो बाहर से आने में काफी समय लग जाता ग्रामीण अंचलों के मरीजों के लिए शुरू की गई 108 एम्बुलेंस सेवा का लाभ लोगोंं को नहीं मिल पा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण मरीजों और परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगभग 6 महीने से एंबुलेंस के पहिए जाम है। यहां के जरूरतमंद निजी वाहन या ऑटो से इलाज के लिए हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। बिगड़ती 108 की सेवा की ओर किसी का ध्यान नहीं है।

मरीजों या दुर्घटना में घायलों को उपचार के लिए शुरू तो की गई है लेकिन  कई दिनों से नगर पालिका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और विधायक निधि से दी गई एंबुलेंस बंद है। वाहन में खराबी आ जाने के कारण, इसकी सेवा नहीं मिल पा रही है।

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नियामानुसार, अधिक उपयोग होने के बाद दूसरा वाहन सेवा के लिए उपलब्ध कराना था, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है। यहां वाहन का रखरखाव भी नहीं किया जाता है। मरीजों को निजी वाहन से लेकर हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। 108 एम्बुलेंस बंद होने के कारण हॉस्पिटल के जननी वाहन से प्रसूताओं को भेजा जाता है कई बार वाहन भी नहीं मिल रहे है। कई बार डायल 100 से घायलों को उपचार के लिए लाया गया है। इस ओर स्वास्थ्य विभाग का ध्यान नहीं है।

इनका कहना-

भोपाल के सिस्टम से ही 108 एंबुलेंस नहीं है फिर भी कॉल करने पर मरीजों को अन्य जगह से आकर 108 से सुविधा दी जाती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की एंबुलेंस दो-तीन दिन में सुधारकर आ जाएगी सुधारने के लिए इंदौर भेजी गई है।

डॉ कांति भास्कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सिवनी मालवा।