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हरदा : चने की फसल की समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नही होने से एक हजार से पंद्रह सौ रुपये क्विंटल के घाटे में चने मंडी में बेच रहे है किसान – मोहन बिश्नोई

मकड़ाई समाचार हरदा। हरदा जिले में चने की फसल को निकले एक माह हो गया है। लेकिन अभी तक समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नही हुई है। जबकि कृषि मंत्री कमल पटेल ने मीडिया में अपनी झूठी वाहवाही लूटने के लिए पिछले वर्ष जिले में बैनर होर्डिग लगवा कर प्रचार-प्रसार किया था कि देश के इतिहास में गेहूं की समर्थन मूल्य की खरीदी से पहले चने की खरीदी होगी। लेकिन ऐसा पिछले वर्ष भी नही हुआ केवल किसानों को गुमराह किया गया था। कृषि मंत्री ने कहा था की चने की खरीदी पहले कराने से जो लघु एवं सीमांत किसान है। उन्हें कम भाव पर अपनी उपज मंडी में नही बेचना पड़ेगा। लेकिन हकीकत कुछ और है अगर वास्तविक में मंडियों के आंकड़े निकाले जावे तो सबसे ज्यादा छोटा किसान ही लुटा जा रहा है। इस वर्ष भी अभी तक छोटे किसानों ने लम्बा घाटे में अपनी उपज मंडी में बेच दी है।

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क्योंकि की छोटे किसानों को मूंग की फसल बोना था, पैसों की जरूरत थी खाद बीज लेने के लिए लेकिन कृषि मंत्री ने इस और अभी भी ध्यान नही दिया। केवल तारीख पर तारीख दी जा रही है, खरीदी शुरू कराने की लेकिन आज दिनांक तक खरीदी केंद्र ही नही बने है। हजारों किसान पंजीयन से भी बंचित रह गए है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओ द्वारा झूठी वाहवाही लूटी जा रही है कि मंडी में गेहूं समर्थन मूल्य से अधिक भाव पर बिक रहा है। परंतु ऐसे कम ही किसान होते है जिनका समर्थन मूल्य से ऊपर बिका है और चना तो हजार से पंद्रह सौ रुपये के घाटे में बिक रहा है ये नेता कुछ अखबारों में झूठी जानकारी देकर अपनी मार्केटिंग में लगे है। इन्हें गेंहू के साथ चने के फसल का भी जिक्र करना चाहिए। अगर जल्द ही समर्थन मूल्य पर खरीदी शुरू नही हुई तो किसान कांग्रेस धरने आंदोलन के लिए बाध्य होगी। जिसकी जबाब देहि जिला प्रशासन की होगी।