हरदा : जरूरतमंद बालकों को संरक्षण देने वाली संस्थाओं की होगी जांच, कलेक्टर श्री गर्ग ने जांच के लिये बनाई समिति
हरदा : बालकों की देखरेख व संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत 18 वर्ष तक की आयु के बेसहारा, बाल भिक्षुक, बाल तस्करी से पीढ़ित, शोषण का शिकार, सड़क पर रहने वाले अनाथ व बेसहारा बालकों की देखरेख व संरक्षण के लिये अशासकीय संस्थाएं कार्यरत रहती हैं। कलेक्टर श्री ऋषि गर्ग ने इन शासकीय संस्थाओं की जांच के लिये समिति गठित करने के संबंध में आदेश जारी किये है। यह समिति इन संस्थाओं द्वारा ली गई विदेशी सहायता, संस्था में कार्यरत कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन, संस्था की पृष्ठभूमि तथा संस्था के पंजीयन और धर्मांतरण की स्थिति की जांच करेगी।
एसडीएम की अध्यक्षता वाली समिति जिला स्तरीय समिति को जांच रिपोर्ट सौंपेगी –
प्रत्येक अनुविभाग क्षेत्र में एसडीएम की अध्यक्षता में गठित समिति में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, सीडीपीओ तथा बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष व सदस्य शामिल रहेंगे। यह समिति बाल संरक्षण के लिये गठित अशासकीय संस्थाओं की जांच कर उसकी रिपोर्ट अपर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगी। इस जिला स्तरीय समिति में अपर कलेक्टर के अलावा लिड बैंक मेनेजर, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला संयोजक आदिम जाति कल्याण विभाग, उपसंचालक सामाजिक न्याय विभाग तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग शामिल रहेंगे।

