उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन से चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक केमिकल कंपनी में काम करने वाले दो दर्जन से ज्यादा कर्मचारियों को सुनने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में कर्मचारियों ने कलेक्टर रौशन सिंह से शिकायत की है, जिसकी जांच की जा रही है।
हियरिंग मशीन लगाना पड़ा
उज्जैन के औद्योगिक क्षेत्र नागझिरी में स्थित ओंकार केमिकल कंपनी में काम करने वाले कर्मचारियों को कान खराब होने जैसी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक इस फैक्ट्री में खून को पतला करने की समेत कई तरह की दवाओं का निर्माण किया जाता है. फैक्ट्री में ह्रदय रोग से जुड़ी बीमारी के लिए डाइकीटोन तैयार किया जाता है।
कंपनी में 70 प्रतिशत कच्चा माल घरेलू बाजार और 30 फीसदी माल चीन से आयात किया जाता है। हालात ऐसे हैं कि कंपनी के 30 कर्मचारी बिना हियरिंग मशीन के सुन नहीं सकते हैं। कर्मचारियों ने कलेक्टर रौशन सिंह से लेकर सीएम मोहन यादव के पास तक शिकायत की है। कलेक्टर का कहना है कि इस मामले में कंपनी की जांच की जा रही है। रिपोर्ट मिलते ही कार्रवाई की जाएगी।
कर्मचारियों का क्या कहना है?
पूर्व कर्मचारी लखन चौहान का कहना है कि वे कंपनी में साल 2022 से काम कर रहे थे। काम शुरू करने के 6 महीने के भीतर ही उनके कान में सीटी जैसा बजना शुरू हो गया। उन्होंने डॉक्टर से चेकअप कराया तो एमवाय अस्पताल की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि उनके दोनों कान खराब हो चुके हैं। इसके बाद उन्होंने कंपनी में काम करना छोड़ दिया. इसी तरह दूसरे कर्मचारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसी के कान इतने खराब हुए कि उनका दिव्यांगता का सर्टिफिकेट बन गया।
कंपनी का क्या कहना है?
ओंकार केमिकल कंपनी के मैनेजर एम मोहन की ओर से दावा किया गया है कि हमने कहा था कि जिन कर्मचारियों को दिक्कत हो रही है। उनका इलाज हम कराएंगे। इसके बाद भी कोई नहीं आया। यहां 100 कर्मचारी काम कर रहे हैं। कई लोग सालों से काम कर रहे हैं, जिन्हें कुछ नहीं हुआ।

