करीब 200 सागौन के पेड़ काटे गए;
SDO पर डंडे व करंट लगाने का आरोप,
पुलिस ने मेडिकल कर जांच शुरू की—SDO ने आरोपों को नकारा
के के यदुवंशी
सिवनी मालवा। बानापुरा रेंज में वन माफिया ने फिर बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया। खोरा सर्किल में अमले की कथित लापरवाही का फायदा उठाकर सैकड़ो सागौन के पेड़ काट डाले ठूंठों का मंजर देखकर मौके पर पहुंचे अफसरों के भी हाथ-पैर फूल गए।
मामला उजागर होते ही विभाग में हड़कंप मच गया। SDO अनिल विश्वकर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी ज्ञान सिंह पवार ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान शक की सुई खोरा बीट से सटी सुखतवा सर्किल की चिचवानी बीट के दो चौकीदारों डोरीलाल और रामचरण के साथ-साथ सुखतवा सर्किल में पदस्थ दो नाकेदारों पर टिक गई। सूत्रों के मुताबिक मंगलवार शाम दोनों चौकीदारों को पूछताछ के लिए ले जाया गया, और इस दौरान उनके साथ मारपीट की बात भी सामने आई।
थाने पहुंचा मामला
बुधवार शाम सुखतवा सर्किल के नाकेदार महिपाल यादव और रूपेश साहू को बानापुरा रेंज कार्यालय बुलाया गया। महिपाल यादव का आरोप है कि पूछताछ के दौरान SDO अनिल विश्वकर्मा ने उनके साथ डंडे से मारपीट की और करंट लगाने जैसी ज्यादती की।
घटना के बाद महिपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी और सिवनी मालवा थाने में शिकायत दर्ज कराई। थाना प्रभारी सुधाकर बारस्कर ने बताया कि आवेदन के आधार पर फरियादी महिपाल यादव का मेडिकल कराया गया है और जांच जारी है; जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
SDO का पक्ष
SDO अनिल विश्वकर्मा ने आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि नाकेदार अपनी कथित संलिप्तता से बचने के लिए झूठे आरोप लगा रहे हैं, उनके साथ कोई मारपीट नहीं की गई, केवल “मामूली पूछताछ” हुई थी।बड़े पैमाने पर सागौन कटाई के खुलासे के बाद विभाग ने अपने ही कर्मचारियों पर शक जताया, पूछताछ के दौरान मारपीट के गंभीर आरोप लगे, पुलिस ने मेडिकल के साथ जांच शुरू कर दी है जबकि SDO ने आरोपों को नकारा है।

