भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक बार फिर नशे की अवैध फैक्ट्री पकड़ाई है। यहां से 92 करोड़ रुपए कीमत की 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स जब्त की गई है। डायरेक्टोरेट आॅफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (डीआरआई) ने आॅपरेशन क्रिस्टल ब्रेक चला कर इस अवैध दवा निर्माण कारखाने का भंडाफोड़ किया है। अभियान के दौरान सूरत और मुंबई पुलिस ने भी डीआरआई की मदद की है।
पीआईबी दिल्ली के अनुसार एक गोपनीय सूचना मिली थी। इसके बाद ही डीआरआई ने भोपाल में इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। डीआरआई ने मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर छापे भी मारे और इस गिरोह के 7 प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जगदीशपुर इलाके में चल रही थी फैक्ट्री-बताया जा रहा है कि 16 अगस्त को भोपाल के जगदीशपुर (इस्लाम नगर) स्थित इस अवैध फैक्ट्री की तलाशी का अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में 61.2 किलोग्राम मेफेड्रोन लिक्विड रूप में बरामद कर जब्त की गई। जिसकी कीमत 92 करोड़ रुपए आंकी गई है।
इसके अलावा 541.53 किलोग्राम कच्चा माल, जिसमें मेथिलीन डाइक्लोराइड, एसीटोन, मोनोमेथिलमाइन (एमएमए), हाइड्रोक्लोरिक एसिड (एचसीएल) और 2 ब्रोमो शामिल हैं, उसे भी प्रोसेसिंग मशीनों के साथ जब्त किया है। मशीनों का पूरा सेट जांच में पाया है। जांच टीम को यह कारखाना एकांत में बनाए गए परिसर में चलता मिला। जिसे जानबूझकर चारों ओर से ढंका गया था ताकि कोई पकड़ में न आए।
इन सात आरोपियों को किया गिरफ्तार-केमिस्ट समेत 2 आरोपी भोपाल निवासी गिरफ्तार, ये अवैध रूप से एमडी ड्रग्स बनाते पाए गए। यूपी के बस्ती से एक आरोपी गिरफ्तार। मुंबई से दो आरोपी गिरफ्तार, ये अवैध रूप से केमिकल और कच्चा माल मुहैया कराते थे। सूरत से एक आरोपी गिरफ्तार, सूरत और मुंबई से भोपाल में मनी ट्रांजैक्शन करता था।
इसके अलावा एक और आरोपी को मुंबई से भोपाल तक केमिकल और कच्चे माल के परिवहन करने के आरोप में पकड़ा है। फारेन डायरेक्टर के निर्देश पर हो रहा था काम-गिरफ्तार किए गए सभी सात आरोपियों ने भारत में मेफेड्रोन नेटवर्क के लिए एक विदेशी संचालक और सरगना की भूमिका बताई है। जिसके निर्देश पर मेफेड्रोन के गोपनीय तौर पर निर्माण में ये शामिल थे।

