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Breaking News: नौकरी के लिए फर्जी जाति- प्रमाण पत्र मामले में ASP अमृतलाल मीणा के खिलाफ FIR दर्ज  !

मामला उसके फर्जी जाति प्रमाणपत्र के माध्यम से नौकरी प्राप्त करने के संबंध में है। जब केंस द्वारा बुलाया गया, तो मीणा ने हाईकोर्ट से स्टे (Stay) लेकर आए थे,अब स्टे की निर्धारित अवधि के समाप्त होने पर मामला दर्ज किया गया है –

मकड़ाई एक्सप्रेस 24 विदिशा : म.प्र. विधानसभा चुनाव से पहले अमृतलाल रायसेन जिले में एएसपी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने लटेरी तहसील से एक फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसमें उन्होंने निवास को आनंदपुर बताया था। विदिशा जिले के आनंदपुर थाने में एएसपी अमृतलाल मीणा के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, हालांकि वर्तमान में वह ग्वालियर में पदस्थ हैं।

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मीणा ने फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाने के लिए लटेरी तहसील से जाति प्रमाण पत्र बनवाया था, जिसमें उन्होंने आनंदपुर थाना क्षेत्र का निवासी होना दावा किया था। इस कारण, उनके खिलाफ लटेरी क्षेत्र के आनंदपुर थाने में धोखाधड़ी सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस मामले में, 2016 में राज्य स्तरीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी, जिसके दौरान कई अधिकारी पर केस दर्ज हुए थे। एएसपी मीणा ने तब हाईकोर्ट से स्टे लेकर आए थे, और अब स्टे की अवधि समाप्त होने पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 1995-96 में PSC परीक्षा से DSP के लिए चयन होने के बाद, अमृतलाल मीणा ने खुद को अनुसूचित जनजाति से बताया था। उन्होंने लटेरी तहसील से जारी जाति प्रमाणपत्र लगाया था। 1996 में चयन होने के बाद, उन्हें 1999 में ज्वाइनिंग मिली थी। तीन साल तक उनके जाति प्रमाण पत्र पर जांच होती रही। आरटीआई के तहत तहसील लटेरी जिला विदिशा से जानकारी मांगी गई, जिससे पता चला कि अमृतलाल मीणा उनके क्षेत्र के निवासी नहीं थे। इसके बावजूद, उन्हें फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामले में कोई जांच नहीं की गई |

अब सवाल यह उठता है कि यदि अमृतलाल मीणा लटेरी के निवासी नहीं हैं तो फिर कहां के निवासी हैं। पिटीशनर सुहाने ने इसकी पड़ताल की तो आरटीआई के तहत मिली जानकारी में पता चला कि अमृतलाल मीणा पुत्र श्री रामदयाल मीणा प्रपौत्र श्री बिहारीलाल मीणा ग्राम हरीच्छा जिला गुना के निवासी हैं। प्रशासन ने इसकी पुष्टि की है।यदि श्री मीणा गुना जिले के निवासी हैं तो वो किसी भी सूरत में अनुसूचित जनजाति से नहीं हो सकते। इस संदेह को लेकर पिटीशनर ने कई आला अधिकारियों से संपर्क किया एवं जांच करने की मांग की परंतु बजाए कोई जांच होने के मामला लगातार टाला गया। अंतत: पिटीशनर ने हाईकोर्ट की शरण ली।

विदिशा के एएसपी समीर यादव ने बताया कि जांच समिति की ओर से 7 दिसंबर को आनंदपुर थाने में अमृतलाल मीणा के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराई गई थी। अब उन्हें दोबारा स्टे मिलने की बात सामने आई है इसलिए आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी है।