jhankar
ब्रेकिंग
जिला लघु वनोपज सहकारी यूनियन हरदा की वार्षिक साधारण आमसभा 21 सितम्बर को होगी जिले में सेवा-संकल्प अभियान की व्यापक तैयारियाँ मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को 19 सितंबर को देंगे ई-स्कूटी की सौगात पंचायत उप निर्वाचन के मतदान कर्मियों का पी.ओ. मोबाइल एप प्रशिक्षण 17 व 22 सितम्बर को पीएम श्री नवोदय विद्यालय चारुवा में ‘आदर्श युवा ग्राम सभा’ का हुआ मंचन अधिकारियों ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं टिमरनी के बरूड़घाट में कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज निर्माण के चलते टिमरनी में तीन माह यातायात मार्ग परिवर्तित संपर्क अभियान शिविरों में 460 शिकायतें प्राप्त, 417 का मौके पर निराकरण स्वामित्व योजना में पटवारी को ‘निष्पादक’ बनाने का विरोध, बोले- अधिकार स्पष्ट करें, कानूनी सुरक्षा दे...

खिरकिया : कथा दु:ख ही नही दोष भी दूर करती है : पं. नीरज महाराज

खिरकिया : हमारे जीवन मे दु:ख से भी बड़ी समस्या दोष की है। हम कथा सुनकर दु:ख ही नही दोष को भी दूर कर सकते हैं। क्योकि दोष रह गया, तो अगले जन्म मे भी कष्ट देगा। केवल हम चौथे पहर में ही नहीं, बल्कि जीवन के चौथेपन में भी जागे।प्रभात तो रोज होता है,पर जिस प्रभात मे ईश्वर का स्मरण हो जाए,वह सुप्रभात हो जाता है।यह बात ग्राम मांदला में ढोलया परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शनिवार को कथावाचक पंडित नीरज महाराज ने कही।उन्होंने कहा कि हम पेट के लिऐ कम और पेटी के लिए ज्यादा पाप कर रहे है। हमारा पेट नहीं बल्कि हमारी पेटी पापी है। हमारा भगवान से निवेदन रहे, कि प्रभु पाप मन से नहीं मजबूरी में हो गया,तो आप माफ करो। प्रभु जी मेरे अवगुण चित्त ना धरो,।यदि हमारा भाव वंदन अच्छा है,वतो भव बंधन से तो पार हो ही जाएंगे। हम हमारे पित्तरों के लिए कुछ नहीं कर सकते, तो भागवत की कथा सुनकर ओम नमो भगवते वासुदेवाय का जाप अर्पण करें। हम गायों को हरा चारा खिलाकर या चतु:श्लोकी भागवत सुनाकर भी पितृ ऋण मे मुक्त हो सकते है।