jhankar
ब्रेकिंग
त्योहारों पर शांति व्यवस्था को लेकर थाने में शांति समिति की बैठक हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के तहत जागरूकता कार्यशाला सम्पन्न खुशियों की दास्तां : पीएम आवास योजना से रामकिसन को मिला पक्का आशियाना हरदा-खिरकिया मार्ग पर भिरंगी फाटक के पास मरम्मत कार्य निरंतर जारी रहेगा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय में होगा प्रधानमंत्री का वर्चुअल कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र ने नरवाई प्रबंधन के लिये किसानों को दी सलाह कलेक्टर ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं खुशियों की दास्तां :  प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से बदली किस्मत कायागांव में अवैध शराब बिक्री बंद कराने की मांग, महिलाओं ने कलेक्टर को सौंपा आवेदन सेवा मेरा योगदान - सेवा संकल्प अभियान के तहत बच्चों को मिले चश्में

Khandwa News: अतिक्रमण के नाम पर खानापूर्ति शिवसेना

खंडवा : शहर में बढ़ते हुए अतिक्रमण को लेकर जिला कलेक्टर अनूप कुमार सिंह द्वारा टीएल बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि शहर के रेलवे स्टेशन से जिला अस्पताल तक अवैध अतिक्रमण हटाये। इसके बाद अधिकारियों ने सूरज ढलने पर देर शाम खाना पूर्ति के नाम पर दो-तीन दिन अवैध अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई की गई। उक्त टिप्पणी करते हुए समाजसेवी गणेश भावसार ने कहा कि जिला कलेक्टर के आदेश के बाद खानापूर्ति के नाम पर अतिक्रमण हटाने की कारवाई की गई है । लेकिन आज भी रेलवे स्टेशन से लेकर अस्पताल तक अवैध अतिक्रमण देखा जा सकता है। वही शहर के हृदय स्थल घंटाघर से लेकर बॉम्बे बाजार की मुख्य सड़क पर फिर अतिक्रमणकारियों का कब्जा हो गया है। श्री भावसार ने आगे कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ऐतिहासिक मिट्टी संग्रह स्थल को भी अतिक्रमणकारियों ने घेर लिया है यह शहर के हृदय स्थल घंटाघर स्थित है । लेकिन वहां भी अब सुरक्षित नहीं है उसके चारों ओर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है।वही बुधवारा की दूध गली,मधुसूदन टावर गली , बुधवार बाजार, जलेबी चौक, शिवाजी चौक, सर्राफा, नगर निगम के पास जिला अस्पताल का गेट, कहारवाडी, इमलीपुरा, रेलवे स्टेशन रोड़ पर अतिक्रमण देखा जा सकता है ।
यही वजह है कि आम जनता में कलेक्टर के आदेश एवं उनके निर्देश के बाद भी सड़कों की दुर्दशा नहीं बदलने पर चर्चा का विषय बनी हुई है
श्री भावसार आगे कहां की अब टीएल बैठक में कलेक्टर अधिकारियों से पूछेंगे तो वहां उन्हें कार्रवाई का बताकर इति श्री कर लेंगे।