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Khandwa News: पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाने से नहीं बनेगा क्लीन और ग्रीन खंडवा – शिवसेना

खंडवा : जिले में इंदिरा सागर, ओंकारेश्वर थर्मल पावर जैसी बड़ी परियोजनाएं संचालित हो रही है। इन परियोजनाओं के लिए लाखों हैक्टेयर भूमि पर लगे फलदार वृक्षों के साथी अन्य पेड़ पौधों की भी बलि देना पड़ी थी। पर्यावरण संतुलित करने के लिए भाजपा की प्रदेश सरकार ने इसके लिए अन्य क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण का कार्य किया जिसके लिए करोड़ों रुपए फूंक दिए गए। सुरक्षा के अभाव में पौधे छायादार वृक्ष नहीं बन पाए और सूख गए। यही हाल नगरीय क्षेत्र का है। क्षेत्र में ब्रिटिशकाल के समय स्थापित बगीचों को नगर निगम ने पार्किंग स्थल में तब्दील कर दिया। उक्त टिप्पणी करते हुए शिवसेना प्रमुख गणेश भावसार ने कहा कि क्लीन खंडवा-ग्रीन खंडवा की बात करने वाली नगर निगम क्षेत्र में सड़क किनारे लगे पेड़ों को काटने का कार्य नगर निगम कर रही है। नगर निगम के इस कृत्य से क्षेत्र का पर्यावरण असंतुलित हो जाएगा क्योंकि पूर्व में ही बड़ी परियोजनाएं लगने से पर्यावरण को नुकसान हुआ है जिसकी भरपाई अभी तक नहीं हो पाई है। अब वर्तमान में शहरी क्षेत्र में पुराने पेड़ों को जमीदोज किया जा रहा है जिसके कारण पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश है। यही हाल रहा तो शहर से पेड़ तो क्लीन हो जाएंगे मगर खंडवा ग्रीन नहीं पेड़ विहीन हो जाएगा। शिवसेना पेड़ों को काटने का विरोध करती है एवं शासन प्रशासन से यह मांग करती है कि वन विभाग की नीति के अनुसार 10 पेड़ लगाए उसके बाद ही पेड़ों पर कुलहारी चलाएं। श्री भावसार ने आगे कहा कि इसके लिए शीघ्र ही वन मंत्री को पत्र लिखकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाएगा ताकि आने वाले समय में शहर में लगे अन्य पेड़ों पर कुल्हाड़ी न चल सके। इसके अलावा ब्रिटिश कालीन पार्क संत महर्षि दधीचि के स्थित पेड़ों को जमींदोज करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की जाएगी, क्योंकि शहरी क्षेत्रों में पेड़ कम ही बचे हैं और उन पर ही नगर निगम का अमला कहर ढा रहा है।