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भूकंप से समुद्र तट में फंसी व्हेल मछलियों ने बढ़ाई चिंता

टोक्यो। रूस में पिछले दिनों आए 8.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप के झटकों का असर जापान तक देखने को मिला था। भूकंप के बाद सुनामी की लहरें जापान के होक्काइडो द्वीप तक पहुंच गई थीं। इसी दौरान चिबा प्रांत के तातेयामा शहर के समुद्र तट पर कई व्हेल मछलियां फंस गई थीं। इस दृश्य के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं, जिसने समुद्री जीवन पर प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

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विशेषज्ञों के मुताबिक सुनामी के समय समुद्र की जलधारा और दबाव में अचानक बड़ा परिवर्तन होता है। इस बदलाव से समुद्री जीवों की नेविगेशन प्रणाली पर असर होता है, खासकर व्हेल जैसी बड़ी मछलियों पर जो ध्वनि तरंगों के जरिए अपनी दिशा तय करती हैं। जल की गति में अचानक बदलाव से व्हेल अपना रास्ता भटक जाती हैं। कम गहराई वाले क्षेत्रों में बहकर किनारे आ जाती हैं। ध्वनि तरंगों की दिशा में बदलाव से वे भ्रमित हो जाती हैं। कई बार जल स्तर तेजी से घटने और बढ़ने से फंस जाती हैं।

समुद्री जीव विज्ञानियों का मनना है कि सुनामी और भूकंप से समुद्र की संरचना में अचानक परिवर्तन व्हेल के लिए खतरनाक हो सकता है। समुद्र के नीचे टेक्टोनिक प्लेट्स के हिलने से पैदा होने वाले ध्वनि कंपन भी व्हेल को भ्रमित कर सकते हैं। भूकंप और सुनामी जैसे प्राकृतिक आपदाओं का असर केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं रहता, इसका व्यापक प्रभाव समुद्री जीवन और पारिस्थितिकी तंत्र पर भी पड़ता है। जापान की यह घटना इस बात की याद दिलाती है कि समुद्री जीवों की सुरक्षा के लिए प्राकृतिक आपदाओं के संकेतों को पहले से समझना और चेतावनी प्रणाली विकसित करना बहुत जरूरी है।