नई दिल्ली। संसद में जारी मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को विपक्षी दलों के सांसदों ने एसआईआर और चुनाव आयोग के हलफनामें वाले फैसले के खिलाफ संसद परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के विरोध में विपक्षी सांसदों ने पोस्टर और नारेबाजी के ज़रिए अपना विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन में शामिल सांसदों ने वोट चोरी बंद करो, तानाशाही बंद करो, दादागिरी बंद करो जैसे नारों के साथ चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। कुछ पोस्टरों में नारे मराठी भाषा में भी लिखे हुए थे। विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। विपक्षी दलों का कहना है कि एसआईआर की प्रक्रिया बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाताओं को वोटिंग अधिकार से वंचित करने की एक साजिश है। उनका यह भी आरोप है कि चुनाव आयोग का यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के समान है। विपक्ष इस मुद्दे पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों में चर्चा की मांग कर रहा है।
बिहार में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस, बिहार में होने वाले विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में बेहद अहम है। जहां विपक्ष इस निर्णय को लोकतांत्रिक अधिकारों पर खतरा बता रहा है, वहीं चुनाव आयोग इसे सुधार और पारदर्शिता की दिशा में उठाया गया कदम बता रहा है। बहरहाल विपक्ष एसआईआर को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहा है ऐसे में अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा क्या नया मोड़ लेता है।

