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दमोह के जनपद कार्यालय में चोरी, फर्जी बीपीएल आदेशों के बंडल ले भागे

दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है। जहां 22 सितंबर की रात में जनपद पंचायत कार्यालय में डकैतों ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। जानकारी के मुताबिक अज्ञात जालसाजों ने कार्यालय में धावा बोलकर डकैती की घटना को अंजाम दिया।

चोरों ने फर्जी बीपीएल आदेश लूटा
हैरानी तो तब हुई जब चोरों ने कैश या कीमती सामान को नहीं लूटा, बल्कि लूटे तो सिर्फ फर्जी बीपीएल आदेशों के कई बंडल, जो कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर तेन्दूखेड़ा तहसीलदार और नायाब तहसीलदार न्यायालय के नाम से जारी हुए थे।

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रिकॉर्ड लिपिक के कक्ष में थे
नामक शीर्षक से खबर प्रकाशित करते हुए किया था और जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया था। सभी कूट रचित आदेशों का रिकॉर्ड और बड़े स्कैम को छुपाने के उद्देश्य से अधिकारियों के मुताबिक कुछ फाइलों से बंडल भी चोरी हुए हैं। जो रिकॉर्ड सिर्फ जनपद पंचायत के लिपिक रघुवीर सिंह चौहान के कक्ष में मौजूद था।

चोरी के दौरान सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया गया
माना जा रहा है कि पर्दाफाश होने के डर से जालसाजों ने इन दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। सूत्रों के मुताबिक जिस दिन यह वारदात हुई उसी दिन रहस्यमय तरीके से रात के पहरेदारों सीसीटीवी कैमरों को बंद रखा गया था। इससे पूरी घटना का कोई वीडियो सबूत सामने ना आ सका। इससे यह तो साफ है कि वारदात को किसी अंदरूनी मिलीभगत से अंजाम दिया गया है, ताकि फर्जी बीपीएल आदेशों और सबूतों को मिटाया जा सके।