देवास। मध्य प्रदेश के बेटे नायक संजय मीणा देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। वे गश्त के दौरान पहाड़ी इलाके से नीचे गिरने के बाद घायल हो गए थे। अंबाला में उनका इलाज जारी था, लेकिन उन्हें नहीं बचाया जा सका। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वीर सपूत के निधन पर दुख जताया है। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव संवरसी में किया जाएगा।
अरुणाचल अभ्यास के लिए गए थे
शहीद संजय मीणा की तैनाती अंबाला कैंट में थी। वे भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक संजय अरुणाचल प्रदेश अभ्यास के लिए गए हुए थे। जहां गश्त के दौरान वे पहाड़ी से नीचे गिर गए। उन्हें रेस्क्यू अभियान चलाकर बाहर निकाला गया। ये पूरी घटना 6 अक्टूबर की बताई जा रही है। उन्हें रेस्क्यू के बाद अंबाला लाया गया, जहां उनका इलाज जारी था। लंबे इलाज के बाद उनका निधन हो गया।
अरुणाचल प्रदेश में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए मध्यप्रदेश के सपूत, जिला देवास निवासी श्री संजय मीणा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
सीएम मोहन यादव ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर पोस्ट करके वीर सपूत के निधन पर दुख जताया है और श्रद्धांजलि दी है। पोस्ट में उन्होंने लिखा कि अरुणाचल प्रदेश में कर्तव्य पालन के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए मध्यप्रदेश के सपूत, जिला देवास निवासी श्री संजय मीणा जी को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मां भारती की सेवा में उनका सर्वोच्च बलिदान हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। ॐ शांति!
पैतृक गांव होगा अंतिम संस्कार
शहीद जवान का पार्थिव शरीर शुक्रवार को अंबाला से दिल्ली लाया गया है। वहां से इंदौर लाया जाएगा। यहां से देवास जिले के संवरसी गांव ले जाया जाएगा। जहां उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। सेना से रिटायर्ड हवलदार दिनेश सिंह चौहान ने बताया कि नायक संजय मीणा अपने कर्तव्य के प्रति हमेशा निष्ठावान और अनुशासित रहे हैं।

