jhankar
ब्रेकिंग
MP OBC Reservation Update: सुप्रीम कोर्ट ने जबलपुर हाई कोर्ट को स मामला, 13% अतिरिक्त आरक्षण पर रोक ... Weather Update: मध्य प्रदेश में अगले 4 दिनों तक बना रहेगा बादलों का डेरा, दक्षिण राज्यों में बारिश क... Big news : लाउडस्पीकर से आरती को लेकर दो पक्षो में विवाद,दुर्गा मंदिर की ग्रिल तोड़ी एमपी में अगले 24 घंटे में बारिश-आंधी और ओलावृष्टि का अलर्ट विधानसभा में मर्यादा तार-तार, विजयवर्गीय व सिंघार ने खोया आपा, औकात दिखाने पर अड़े सिहोरा में मंदिर में तोड़फोड़ के बाद तनाव, दो पक्ष आमने-सामने, पथराव के बाद भारी पुलिस बल तैनात दो साल में 128 प्रोजेक्ट पूरे करने का टारगेट, सिंहस्थ तैयारी में खर्च होंगे 3,000 करोड़ वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के हित में तत्पर है सरकार: कृषि मंत्री कंषाना Aaj Ka Rashifal: आज दिनांक 20 फरवरी 2026 का राशिफल, जानिए आज क्या कहते है आपके भाग्य के सितारे हरदा : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में हरदा में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन हुआ इसमें अलग-...

भारत की वायुसेना अब दुनिया में तीसरे नंबर पर

वॉशिंगटन। भारत ने दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली वायुसेना का खिताब हासिल कर लिया है। वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉर्डन मिलिट्री एयरक्राफ्ट की रैंकिंग में शीर्ष पर अमेरिका का दबदबा कायम है। इसके बाद रूस का नंबर आता है। चीन पहले तीसरे स्थान पर था अब चौथे पर पहुंच गया है। भारत का उदय एशिया के सामरिक संतुलन में एक नाटकीय बदलाव का संकेत माना जा रहा है। डब्ल्यूडीएमएमए रैंकिंग में 103 देश और 129 वायु सेनाएं शामिल हैं, जिनमें सेना, नौसेना और नेवल एविएशन ब्रांच भी शामिल हैं। इस रैंकिंग में दुनिया भर में कुल 48,082 विमानों पर नजर रखी है।

वैश्विक सैन्य रणनीति में वायु शक्ति को एक निर्णायक कारक माना जाता है। इस मामले में अमेरिका शीर्ष पर काबिज है, जिसकी हवाई शक्ति रूस, चीन, भारत, दक्षिण कोरिया और जापान के संयुक्त बेड़े से भी आगे हैं। इस प्रभुत्व को कायम रखने के लिए अमेरिका में दुनिया के कुल सैन्य बजट का 40 फीसदी हिस्सा खर्च करता है। भारत और चीन भी बदलते भू-राजनीतिक तनाओं को देखते हुए अपनी वायुसेनाओं का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहे हैं। वैश्विक ओपन-सोर्स डिफेंस इंटेलिजेंस थिंकटैंक जेन्स का अनुमान है कि साल के आखिर तक वैश्विक रक्षा खर्च 3.6 फीसदी बढ़कर करीब 2.56 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यह निरंतर वृद्धि दुनिया भर में तीव्र संघर्षों और रणनीतिक रस्साकस्सी को दर्शाती है, जो आधुनिक युद्ध और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिरोध, दोनों में वायु शक्ति की अहम भूमिका पर जोर देती है।

- Install Android App -

भारतीय वायुसेना की ट्रूवैल रेटिंग 69.4 है। यह रेटिंग न केवल विमानों की संख्या का मूल्यांकन करती है, बल्कि आक्रमण और रक्षा क्षमताओं, सैन्य सहायता, आधुनिकीकरण और परिचालन प्रशिक्षण जैसे कारकों का भी मूल्यांकन करती है। अपने 1,716 विमानों के बेड़े में भारत एक संतुलित बल संरचना बनाए रखता है। भारतीय वायुसेना के बेड़े में 31.6 फीसदी लड़ाकू विमान, 29 फीसदी हेलीकॉप्टर और 21.8 फीसदी ट्रेनर एयरक्राफ्ट हैं। भारतीय वायुसेना के उपकरण अमेरिका, रूस, फ्रांस, इजराइल जैसे कई देशों में बने हुए हैं।

भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल शक्ति का प्रदर्शन विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ। इस दौरान मई 2025 में भारत ने पाकिस्तान और पीओके में बुनियादी ढांचों पर सटीक हमले किए। 58.1 की टीवीआर के साथ चीन सातवें स्थान पर है। हालांकि चीन टेक्नोलॉजी और बेड़े के आधुनिकीकरण में भारी निवेश जारी रखे हुए है। चीन ट्रेनिंग, निकट-हवाई सहायता और विशेष बमवर्षक यूनिट जैसे क्षेत्र में भारी निवेश कर रहा है। भारत और चीन के बीच का अंतर न केवल बेड़े के आकार, बल्कि ऑपरेशनल रेडीनेस और रणनीतिक क्षमताओं के महत्व को भी रेखांकित करता है। अमेरिकी वायुसेना 242.9 की टीवीआर के साथ वैश्विक स्तर पर अग्रणी बनी हुई है।