नर्मदापुरम। तवा बांध का जलस्तर अपने पूर्ण भराव क्षमता को पार कर चुका है, जिसके कारण बांध के गेट अब भी खुले हुए हैं। आज सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को सुबह 11:30 बजे की स्थिति के अनुसार, बांध में जल की आवक जारी रहने से कुल 19,778 क्यूसेक पानी तवा नदी में छोड़ा जा रहा है।
भोपाल, नर्मदापुरम, नौगांव, दतिया, गुना, रायसेन, उज्जैन, शाजापुर, सीहोर, राजगढ़, आगर-मालवा, देवास, टीकमगढ़, इंदौर, दतिया, उमरिया, शिवपुरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, हरदा, पांढुर्णा, सागर, सीधी, मंडला और नरसिंहपुर में भी बारिश हुई। आज भी ग्वालियर समेत कई जिलों में बारिश हो रही है। रविवार रात को बारिश के बाद सोमवार को भी कई जगह बूंदा-बांदी हो रही है। इटारसी के तवा डैम के जलस्तर को काबू पर रखने के लिए सोमवार सुबह 3 गेट खोले गए हैं। गुना में खेतों पर सूख रही मक्का फसल बारिश के चलते खराब हो गई।
सोमवार को किसान फसल को खेतों से निकालने में लगे रहे। श्योपुर में खुले में रखी धान की फसल गीली हो गई। तिरपाल ढककर फसल को बचाने की कोशिश की जा रही है। तवा डैम के 3 गेट 3-3 फीट तक खोले गए तवा डैम में बढ़ते जलस्तर को काबू में करने के लिए प्रशासन ने सोमवार सुबह 11 बजे से तीन गेट खोल दिए हैं। इन गेटों को 3-3 फीट की ऊंचाई तक खोला गया है, जिससे बांध से 16,070 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। कार्यपालन यंत्री एन. के. सूर्यवंशी के अनुसार, डैम का वर्तमान जलस्तर 1166.30 फीट दर्ज किया गया है। जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही बरसात के कारण बांध में पानी की आवक बनी हुई है।
सीजन में 73वीं बार खोले गए तवा डैम के गेट मानसूनी सीजन में तवा डैम के गेट कुल 72 बार खोले गए। वहीं, अब 73वीं बार गेट खुले हैं। इससे पहले साल 2022 में तवा के गेट सर्वाधिक 136 बार खोले गए थे। 2023 में सबसे कम 39 बार गेट खोलने पड़े थे। अफसरों ने बताया कि अक्टूबर में भी कई बार गेट खुल चुके हैं। साल 2023 में 1 अक्टूबर को और 2022 में 12 अक्टूबर को गेट खुले थे। इस साल भी 2 अक्टूबर तक गेट खुले रहे थे। इस सीजन में तवा डैम के कुल 13 में से केवल सात गेट ही खुल पाए हैं, जबकि पिछले साल सभी 13 गेट खोले गए थे।
गुना में 7.2 मिमी बारिश, मक्का फसल खराब गुना में रविवार रात को 7.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश म्याना इलाके में हुई। यहां खेतों में पानी भर गया। खेतों में सूख रही मक्के की फसल भीग गई। किसान पानी से फसल को निकालते हुए दिखाई दिए। वहीं अंडर ब्रिज में भी पानी भर गया, जिस कारण वाहनों को निकलने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ स्कूली बच्चों का वाहन नहीं निकल पाया, तो वह लौट गए। श्योपुर में कटाई के बाद खुले में रखा धान भीगा श्योपुर मे सोमवार को फिर से शुरू हुई बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। किसानों का कटाई के बाद खुले में रखा धान भीग रहा है। इससे किसानों को काफी नुकसान हुआ है।किलगाबड़ी गांव के किसान बसंत सिंह का खुले में रखा करीब 12 ट्रॉली धान पूरी तरह भीग गया।

